Saturday, April 25, 2026
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जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने एक मामले में आरोपी को 6 महीने के प्रोबेशन पीरियड पर छोडऩे के आदेश दिए

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at April 25, 2026 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 25 अप्रैल। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने विगत 2024 के महिला थाने से संबंधित एक मामले में आरोपी को 6 महीने के प्रोबेशन पीरियड पर छोडऩे के आदेश दिए हैं, वहीं पीड़िता को चार लाख रुपए का मुआवजा भी एफड़ी के रूप में देने को कहा है जो उसे 18 साल की आयु के बाद में प्राप्त होंगे। इस केस में आरोपी को 7 महीने 20 दिन बाल सुधार केंद्र में भी रखा गया था। यही नहीं इस केस में एफएसएल की रिपोर्ट अपनी मर्जी से जयपुर से बनवाने को लेकर भी संबंधित आईओ के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने की अनुशंसा के आदेश जारी किए गए हैं।
उक्त मामला विगत 12 फरवरी 2024 का महिला थाने से संबंधित था जिसमें एक 15 साल की युवती के साथ उन्हीं के रिश्तेदार ने दुष्कर्म किया था। इस केस में संबंधित आईओ द्वारा जब मधुबन में एफएसएल की रिपोर्ट को जमा करवाया गया तो मधुबन लैब की ओर से इस रिपोर्ट को लेने से मना कर दिया और कहा कि इस रिपोर्ट को जमा करवाने में देरी हो चुकी है जिसका डीएनए टेस्ट नहीं किया जा सकता। उक्त आईओ ने अपनी मर्जी से बिना अनुमति के जयपुर से उस एफएसएल की रिपोर्ट को तैयार करवाया जो की अनुपयोगी रही। इसी को लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा ने उक्त आईओ के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने के आदेश जारी किए हैं।
जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसीपल मैजिस्ट्रेट पुनीत लिम्बा ने अपनी टिप्पणी में विशेष तौर पर कहा है कि ऐसे मामलों में जांच अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित करवाए जाएं। ऐसी चूक के लिए सम्बंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर उचित कार्यवाही की जाए। इसको लेकर बोर्ड के समक्ष जांच अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही की एक व्यापक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है और कहा गया है कि ये साक्ष्य किसकी अनुमति से मधुबन से जयपुर एफएसएल रिपोर्ट के लिए भेजे गए।

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