मीलों द्वारा किसानों की करोडों रूपए की ब्याज की राशी को चुपचाप तरीके से डक़ारा जा रहा है: रतनमान
BOL PANIPAT : भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चालू पिराई गन्ना सीजन 2022-23 के गन्ने के बकाया का ब्याज सहित भुगतान किया जाए। यह मांग शुक्रवार को स्थानीय किसान भवन में भाकियू के तत्वाधान में आयोजित की गई प्रदेश स्तरीय मासिक किसान पंचायत में की गई। उन्होंने कहा कि अगर इस माह के अंत तक गन्ना किसानों का सही तौर पर भुगतान नही किया गया तो आने वाली 2 मई को प्रदेश की सभी शुगर मिलों में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम मील प्रबंध निदेशकों को ज्ञापन सौंपे जाएगें। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके अपना रोष जताया।

किसान पंचायत में उपस्थित किसानों ने एक स्वर में कहा कि सरकार गन्ने के भुगतान को सही समय पर न करके किसानों को परेशान कर रही है। इस वक्त बच्चों के दाखिले करवाने, बाजार की देनदारियों के साथ साथ सरकार कर्ज व बिजली बिलों आदि के भुगतान करने का भारी दबाव है। जबकि गन्ने की फसल साल भर की खेती है। इसके अलावा बकाया भुगतान पर ब्याज न देकर किसानों के हक पर ड़ाका ड़ाल रही है। पंचायत की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सोनू मालपूरिया ने की। किसान पंचायत में कई जिलों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि अगर शुगर मील गन्ने का १४ दिनों तक भुगतान करने में विफल रहती है, तो 15 प्रतिशत की ब्याज दर पर भुगतान करने के कानूनी तौर पर बाध्य है। प्रदेश में गन्ना मूल्य का भुगतान मात्र एक प्राईवेट सेक्टर की गन्ना मील को छोड़ कर बाकि मिलों द्वारा एक से २ महिने की औसतन देरी से किया जा रहा है। मान ने कहा कि यमुनानगर की सरस्वती शुगर मील की ओर से लगभग ८ से १० दिन की अवधि के अंदर भुगतान किया जा रहा है। बाकि मीलों द्वारा किसानों की करोडों रूपए की ब्याज की राशी को चुपचाप तरीके से डक़ारा जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ब्याज के मामले पर संज्ञान लेते हुए गत तीन सालों के ब्याज पर स्वेत पत्र जारी करना चाहिए। ताकि किसानों के साथ की जा रही लूट का पर्दाफ़ाश हो सके और असलियत को सामने लाया जा सके। मान ने कहा कि इस लूट के खिलाफ किसानों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली 2 मई को शुगर मीलों के सामने आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर प्रदेश संगठन सचिव शाम सिंह मान, करनाल जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह घु6मन, पानीपत जिलाध्यक्ष सोनू मालपूरिया, कुरूक्षेत्र जिलाध्यक्ष मदन पाल बपदा, यमुनानगर जिलाध्यक्ष सुभाष गुज्जर, जींद के उपाध्यक्ष राममेहर सिंह, सत्यनारायण सहित काफी सं2या में किसान मौजूद थे।

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