विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर डीप ट्रांसफॉर्मेशन मास्टर क्लास का आयोजन
वास्तविक अनुभवों को संवेदनशीलता से सुनना और समझना सकारात्मक बदलाव की दिशा में अहम कदम
BOL PANIPAT , 10 अक्टूबर। देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर हेल्पिंग हार्ट काउंसलिंग सेल एवं मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘लिव्ड एक्सपीरियंसेज हर्ड : रियल वॉइसेज, रियल चेंज’ विषय पर डीप ट्रांसफॉर्मेशन मास्टरक्लास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ उनमें भावनात्मक समझ, आत्मविश्लेषण और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों को जीवन के वास्तविक अनुभवों से सीख लेने, अपनी भावनाओं को समझने और चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दीक्षांत हांडा, ब्रेन जिम्नास्टिक क्लब के संस्थापक, आइडेंटिटी ट्रांसफॉर्मेशन कोच एवं समग्र व्यक्तित्व विकास मार्गदर्शक ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्मपहचान और मानसिक सशक्तीकरण के महत्त्व से अवगत कराया। वे आईक्यू–ईक्यू–एसक्यू–पीक्यू–एमक्यू मॉडल के निर्माता तथा छह पुस्तकों के लेखक हैं।
दीक्षांत हांडा ने कहा कि जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भी आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को पहचानना और समझना चाहिए। तनाव अथवा किसी परेशानी का सामना करने पर उसे मन में दबाकर रखने के बजाय विश्वसनीय लोगों के साथ साझा करना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता लेने से संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद और आत्मविश्लेषण को व्यक्तित्व विकास के महत्त्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि अपनी कमजोरियों को पहचानकर उनमें सुधार करने का प्रयास व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन जीवन की चुनौतियों से निपटने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष सुनीता चांद ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षाओं और करियर से संबंधित विभिन्न प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मानसिक परेशानियों को कमजोरी मानने के बजाय उन्हें स्वीकार करना और जरूरत के अनुसार सहायता प्राप्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े वास्तविक अनुभवों को संवेदनशीलता के साथ सुनना, दूसरों की भावनाओं को समझना और उनके प्रति पूर्वाग्रह रहित दृष्टिकोण अपनाना समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे किसी की परेशानी सुनते समय उसकी भावनाओं का सम्मान करें और उसे अपनी बात खुलकर कहने का अवसर दें। कई बार किसी व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनना और उसे यह भरोसा दिलाना कि वह अकेला नहीं है, उसके लिए बड़ी भावनात्मक सहायता साबित हो सकता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य सुभाष चंद जागलान ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में भावनात्मक संतुलन, संवेदनशीलता और जीवनोपयोगी कौशल विकसित करना भी है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना करने तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने में सहायता करती है।
कार्यक्रम का मंच संचालन संदीप कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. शिवम धवन, अरविंद कुमार, विकास यादव सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना, अपने अनुभवों को साझा करना और दूसरों की बात को संवेदनशीलता से सुनना स्वस्थ, संवेदनशील एवं सकारात्मक समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।

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