फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कृषि यंत्रों का 21 से 23 सितंबर तक होगा भौतिक सत्यापन-उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
बिल पोर्टल पर अपलोड करने वाले किसानों को स्वयं उपस्थित होकर सत्यापन करवाना होगा
बेलर, सुपर सीडर समेत विभिन्न कृषि यंत्रों का नई अनाज मंडी में होगा सत्यापन
पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए कृषि यंत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज
फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन
BOL PANIPAT, 20 सितंबर। फसल अवशेष प्रबंधन योजना वर्ष 2026-27 के तहत कृषि यंत्रों के बिल विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने वाले किसानों के यंत्रों का भौतिक सत्यापन 21 से 23 सितंबर तक किया जाएगा। उपायुक्त डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसानों से निर्धारित तिथि और समय पर अपने कृषि यंत्रों के साथ स्वयं उपस्थित होकर भौतिक सत्यापन करवाना सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं और योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन अवश्य करवाएं, ताकि योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
उप कृषि निदेशक डॉ. बलवंत सहारण ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत विभागीय पोर्टल पर कृषि यंत्रों के बिल अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई थी। जिन किसानों ने निर्धारित समयावधि में अपने कृषि यंत्रों के बिल पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं, उन्हीं कृषि यंत्रों का अब भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को बेलर, हेरेक, स्ट्रॉ मास्टर तथा स्लेशर, 22 सितंबर को सुपर सीडर तथा 23 सितंबर को अन्य कृषि यंत्रों, जिनमें पैडी स्ट्रॉ चॉपर, रिवर्सिबल प्लो, रीपर बाइंडर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर, सुपर एसएमएस और जीरो ड्रिल शामिल हैं, का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भौतिक सत्यापन योजना की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए किसान निर्धारित तिथि और स्थान पर कृषि यंत्र के साथ स्वयं उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे खेतों में फसल अवशेष जलाने की आवश्यकता कम हो और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
सहायक कृषि अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन प्रत्येक निर्धारित दिन सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक किया जाएगा। 21 सितंबर को बेलर, हे रेक, स्ट्रॉ मास्टर और स्लेशर तथा 22 सितंबर को सुपर सीडर का सत्यापन किया जाएगा। इन दोनों दिनों में इसराना और मतलौडा ब्लॉक के कृषि यंत्रों का सत्यापन मतलौडा अनाज मंडी में तथा पानीपत, समालखा और बापोली ब्लॉक के कृषि यंत्रों का सत्यापन सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, नई अनाज मंडी पानीपत में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को सभी ब्लॉकों के अन्य कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, नई अनाज मंडी पानीपत में किया जाएगा। उन्होंने किसानों से कहा कि वे विभाग द्वारा निर्धारित तिथि, समय और स्थान के अनुसार अपने कृषि यंत्रों का सत्यापन करवाने के लिए स्वयं उपस्थित होना सुनिश्चित करें। निदेशालय के निर्देशानुसार निर्धारित कार्यक्रम में ही कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

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