सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए विभागों को मिलकर करने होंगे जागरूकता और टीकाकरण के और प्रयास: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
14 साल की बेटियों को एचपीवी टीका लगवाने के लिए चल रहे विशेष अभियान मे और करे गति प्रदान
स्कूलों में पात्र बेटियों की पहचान, अभिभावकों की झिझक दूर करने और छूटी लड़कियों के टीकाकरण पर दे जोर
BOL PANIPAT , 16 सितंबर। जिले में 14 साल की बेटियों को एचपीवी का टीका लगवाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता और टीकाकरण अभियान मैं और तेजी लाने की आवश्यकता है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा मानव पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और पिछली बैठक की प्रगति जानी।
उपायुक्त ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण केवल एक टीका लगाने का अभियान नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पात्र हर बेटी तक टीके की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारी पूरी गंभीरता से माइक्रो प्लान तैयार करें और किसी भी पात्र लाभार्थी के छूटने की संभावना न रहे। पात्र 14 वर्षीय लड़कियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर एचपीवी का टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में 14 वर्ष की पात्र छात्राओं की पहचान कर उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा की जाए। स्कूल स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर स्वास्थ्य टीमों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। अभिभावकों में यदि टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार की झिझक या भ्रम है तो उसे चिकित्सकों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से तथ्यपरक जानकारी देकर दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि अभियान में स्कूल से बाहर रहने वाली 14 वर्षीय लड़कियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के माध्यम से ऐसी बेटियों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण से जोड़ा जाए। कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों में विशेष सत्र आयोजित कर छूटी हुई पात्र लड़कियों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की भी अभियान में सक्रिय भागीदारी जरूरी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों तथा सामुदायिक स्तर के कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभिभावकों और किशोरियों को एचपीवी टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी जाए। उपायुक्त ने इस मौके पर हरियाणा रोडवेज को भी दोनों बस अड्डों पर एचपीवी टीकाकरण संबंधी जागरूकता संदेश नियमित रूप से प्रसारित करने तथा सूचना सामग्री प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ विजय मलिक ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 14 वर्ष की लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण की एक खुराक का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें वे लड़कियां पात्र हैं जिनका 14वां जन्मदिन हो चुका है, लेकिन 15वां जन्मदिन अभी नहीं आया है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यह टीका नि:शुल्क उपलब्ध है।
बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि कम कवरेज वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष प्रयास किए जाएं तथा साप्ताहिक स्तर पर प्रगति की समीक्षा की जाए। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, नगराधीश टीनू पोसवाल, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, डॉ. लाभ सिंह, डॉ. पवन, डॉ. नवनीत, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएसपी विकास चहल, डीईओ राकेश बूरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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