सीजेएम वर्षा शर्मा ने बंदियों की समस्याएं सुनीं, नि:शुल्क कानूनी सहायता का दिलाया भरोसा
जेल लोक अदालत में दो चोरी के मामलों का आपसी समझौते से निपटारा
दो विचाराधीन आरोपियों को तत्काल मिली रिहाई, बंदियों को बांटे कौशल प्रशिक्षण के प्रमाण-पत्र
जेल में न्याय, कानूनी सहायता और पुनर्वास पर जोर
BOL PANIPAT , 16 सितंबर। हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पंचकूला के तत्वावधान में जिला जेल, सिवाह, में बुधवार को जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जेल लोक अदालत का आयोजन सुश्री वर्षा शर्मा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में किया गया।
जेल लोक अदालत के दौरान चोरी से संबंधित दो मामलों की सुनवाई की गई। विधिक सहायता एवं आपसी समझौते के माध्यम से दोनों मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। मामलों के निपटारे के परिणामस्वरूप दोनों विचाराधीन आरोपियों को तत्काल जेल से रिहा किया गया।
इस अवसर पर इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) द्वारा जिला जेल के बंदियों के लिए आयोजित 15 दिवसीय होटल मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटैलिटी स्किल्स कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले बंदियों को सुश्री वर्षा शर्मा द्वारा प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को व्यावहारिक एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उनके कौशल विकास, पुनर्वास तथा समाज में सफल पुनर्समावेशन के लिए सक्षम बनाना था। इसके अतिरिक्त वर्षा शर्मा ने जेल में निरुद्ध बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बंदियों द्वारा जेल के भीतर सामना किए जा रहे विभिन्न मुद्दों को सुना। इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक बंदी तक न्याय एवं नि:शुल्क कानूनी सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है।
गौरतलब है कि जेल लोक अदालत के साथ-साथ आयोजित विधिक सहायता, कौशल विकास एवं पुनर्वास संबंधी कार्यक्रम विधिक सेवा प्राधिकरणों की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसके अंतर्गत जेलों में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों एवं अन्य बंदियों को न्याय तक पहुंच, कानूनी सहायता, कौशल विकास एवं पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके मूलभूत अधिकारों एवं कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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