जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पानीपत ने कमजोर गवाहों के साक्ष्य के दिशा निर्देश पर किया परिक्षण शिविर का आयोजन
BOL PANIPAT , 25 मार्च। माननीय न्यायमूर्ति श्री ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार व श्रीमती मनीषा बतरा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरपर्सन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पानीपत के मार्गदर्शन व अमित शर्मा, मुख्या न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पानीपत के द्वारा जिला सेवाएं प्राधिकरण जिला कोर्ट परिसर में कमजोर गवाहों के साक्ष्य के दिशा निर्देश पर परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया शिविर में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता, कानूनी सेवक व बार के अधिवक्ता, पुलिस विभाग की तरफ से जांच अधिकारी उपस्थित रहे.
इस शिविर में अमित शर्मा मुख्या न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव ने पुलिस विभाग से आये हुए जांच अधिकारियों को इसका महत्व बताया तथा दिशा निर्देश देते हुए कहा कि उपरोक्त गवाहों के प्रति माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अपने अधिकारों की पालना करे तथा उनको पूरी तरह न्याय दिलाने के लिए ईमानदारी से कार्य करे क्योंकि जाच अधिकारी ही उनकी पहली पहुँच है तथा ऐसे गवाहों की किसी भी मदद के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण को सूचित कर सकते है. यह भी बताया कि कमजोर गवाहों में सिर्फ वही नही आते जो 18 साल से नीचे की उम्र के है बल्कि वो सभी स्त्री व पुरुष है जो अपनी मदद करने में असहाय है.
इसी कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की तरफ से पैनल अधिवक्ता सौरव जग्गा ने सभी आये हुए प्रतिभागियों को भी इसकी महत्वता को बताते हुए कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इसको कमज़ोर गवाहों की जरूरत को देखते हुए पूरे देश में इसको लागू करने का फैसला लिया है ताकि इन गवाहों को किसी भी तरह की कोई भी परेशानी व दिक्कत ना उठानी पड़े।

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