श्रद्धा के नाम पर गोवंश के स्वास्थ्य से न करें खिलवाड़ : उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
श्राद्ध पक्ष में गोवंश को तला-बासी भोजन खिलाने से बचें, स्वास्थ्य का रखें विशेष ध्यान
तला-बासी व अत्यधिक रोटी-पूरी बन सकती है गोवंश के लिए जानलेवा
पशुपालन विभाग ने लोगों से की अपील, गोवंश को दें पौष्टिक एवं सुरक्षित आहार
BOL PANIPAT , 26 सितंबर। श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों की तृप्ति के लिए गोवंश को भोजन करवाने की परंपरा को देखते हुए जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि श्रद्धा और सेवा की भावना से गोवंश को भोजन करवाते समय उसके स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। तला हुआ, बासी अथवा अत्यधिक मात्रा में रोटी-पूरी खिलाना गोवंश के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि गोवंश के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि श्राद्ध पक्ष में गोवंश को भोजन करवाते समय ऐसा आहार ही दें, जो उसके लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक हो।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ पशु कल्याण की भावना को भी जोड़ा जाना चाहिए, ताकि सेवा का उद्देश्य सही मायने में पूरा हो सके। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भी गोवंश के स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. संजय आंतिल ने बताया कि श्राद्ध पक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग गोवंश को रोटी, पूरी, खीर, हलवा और अन्य खाद्य सामग्री खिलाते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक मात्रा में रोटी-पूरी तथा तला हुआ या बासी भोजन गोवंश के पाचन तंत्र के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषकर तला हुआ भोजन गोवंश के पेट में एसिडोसिस जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है, जो कई बार उसके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझने की आवश्यकता है कि गोवंश को भोजन करवाना तभी सार्थक है, जब वह उसके स्वास्थ्य के अनुकूल हो। बासी, सड़ा हुआ, तला हुआ या जरूरत से अधिक भोजन देने से बचना चाहिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे गोवंश को सुरक्षित एवं उचित आहार दें तथा किसी भी प्रकार का ऐसा भोजन न खिलाएं, जिससे उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
डॉ. संजय आंतिल ने कहा कि पशुपालन विभाग की टीम गोवंश के स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी बेसहारा गोवंश की तबीयत खराब दिखाई दे तो उसकी सूचना संबंधित पशु चिकित्सा विभाग अथवा नजदीकी गोशाला को दें, ताकि समय पर उपचार उपलब्ध करवाया जा सके।
उन्होंने कहा कि श्राद्ध पक्ष में गोवंश को भोजन करवाने की परंपरा को निभाते समय मात्रा और भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। श्रद्धा के साथ सावधानी बरतकर ही गोवंश की वास्तविक सेवा की जा सकती है।

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