Saturday, September 12, 2026
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आपातकाल में भारतीय संविधान की हत्या ही नहीं की गई बल्कि लोगों के मौलिक अधिकारों का भी हनन किया गया : कंवरपाल गुज्जर

By LALIT SHARMA , in Politics , at June 25, 2025 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : संविधान हत्या दिवस के अवसर पर स्थानीय पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह परिसर में जिला स्तरीय प्रैसवार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरियाणा के पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि आपातकाल में भारतीय संविधान की हत्या ही नहीं की गई बल्कि लोगों के मौलिक अधिकारों का भी हनन किया गया। इस अवसर पर भाजपा सोनीपत के पूर्व जिला अध्यक्ष जसबीर दोदवा, भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट , केन्द्रीय उर्जा मंत्री के प्रतिनिधि गजेन्द्र सलुजा, सुनील कंसल, ओम दत्त आर्य, ईश कुमार राणा, राजेश भारद्वाज भी मौजूद रहे।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने कहा कि आपातकाल देशवासियों को याद दिलाता है कि आपातकाल के दौरान किस प्रकार संविधान की हत्या की गई और देश भक्त नेताओं और नागरिकों को आपातकाल में कैसी-कैसी घोर पीड़ाओं को झेलना पड़ा। देश के इस दमनकारी कदम को भारतीय इतिहास के काले अध्याय के रूप में युगो-युगो तक याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 की अर्धरात्रि को स्वतंत्रता सेनानियों के स्वतंत्र भारत के बलिदानों और लोकतांत्रिक कल्पनाओं को रोंदते हुए तत्कालिन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की सरकार ने आपातकाल लागू किया था और देशभक्त स्वाभीमानी नेताओं को जेलों में ठुसने का काम किया गया। जहां पूरे भारत में देशभक्त नागरिकों और जनसंघ के नेताओं को जेलों में डालकर अनेक यातनाएं दी गई। हरियाणा प्रदेश के भी अनेक नेताओं ने आपातकाल की पीड़ाएं झेली हैं जिनमें प्रेमचंद गोयत, रामविलास शर्मा, लाला अमरचंद, भगवानदास बंसल, मदनलाल हरदोई, प्रो. श्याम पसरिजा, जगदम्बा प्रसाद, रमेश चन्द्र के अलावा पानीपत के लाला इंद्र सैन, वजीर चंद, धर्मपाल नमक वाले, डॉ महेंद्र रंजन, फतेह चंद विज, विजय कुमार सलूजा, डॉ वेद प्रकाश,जीवन शर्मा, रमेश नागरू, डॉ मनोहर लाल सुनेजा, रघुबीर सैनी, रहमल दास बापौली, श्याम नारायण शर्मा एवं जगदीश सोनी को भी जेलों में डाल दिया गया।

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