शिक्षा है जीवन का द्वार: हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं सरंक्षण आयोग के सदस्य अनिल लाठर
-नियमों के विपरीत चलने वाले स्कूल संचालकों के वाहन होंगे सीज
-हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं सरंक्षण आयोग के सदस्यों ने सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में बच्चों को सुरक्षा वाहन पोलिसी के तहत किया जागरूक
-पोक्सो एक्ट व जे जे एक्ट के प्रति भी दी जानकारी
BOL PANIPAT , 13 दिसंबर। हरियाणा राज्य बाल अधिकार एवं सरंक्षण आयोग के सदस्य अनिल लाठर व श्याम शुक्ला ने शुक्रवार को माडल टाऊन स्थित डॉ. एम. के. के. पब्लिक स्कूल व राजकीय कन्या विद्यालय सिवाह व राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय सिवाह में सुरक्षा वाहन पोलिसी के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट, जे जे एक्ट, बाल श्रम, बाल विवाह एवं शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
आयोग के सदस्य अनिल ने बताया कि शिक्षा जीवन का द्वार है। हमें शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। शिक्षित व्यक्ति जीवन में दूसरे के लिए भी जीवन के रास्ते बनाता है। इस क्षेत्र में रोजगार की अनंत संभावनाएं है। शिक्षित व्यक्ति समाज में उत्तम स्थान पाता है। हमें शिक्षा की लौ को जगाने के लिए पहले स्वयं शिक्षित होना पड़ेगा।
आयोग के सदस्य श्याम शुक्ला ने बच्चों को गुड टच एवं बैड टच के बारे में जागरूक किया।
उन्होनें कहा कि बच्चे भगवान का रूप है। हमें उनमें ऐसे संस्कार डालने चाहिए जो अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन सके। देश के विकास में बच्चों का अहम योगदान रहता है। उन्हें हर क्षेत्र की जानकारी होनी चाहिए ताकि वे जिस में क्षेत्र में जाएं उसमें उनकी प्रतिभा दिखाई पड़े व उनका किसी भी तरह से शेाषण न हो। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, बाल कल्याण समिति सदस्य अशोक कुमार, जिला बाल संरक्षण यूनिट से हरिदास शास्त्री, मानव तस्करी विभाग से सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।

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