शिक्षा सुधार की नई पहल: हर स्कूल में बोर्ड पर दर्ज होगी दैनिक उपस्थिति, डीईओ कार्यालय तक पहुंचेगी रिपोर्ट : उपायुक्त डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ
सरकारी स्कूलों में अब रोज दिखेगी छात्रों की हाजिरी, उपायुक्त ने जारी किए सख्त निर्देश
बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
स्कूलों की जवाबदेही बढ़ी: अनुपस्थित विद्यार्थियों पर रहेगी रोजाना नजर, शिक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
BOL PANIPAT , 11 जुलाई। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को निर्देश देते हुए कहा है कि अब प्रत्येक स्कूल के हेड मास्टर को प्रतिदिन विद्यार्थियों की उपस्थिति का पूरा विवरण विद्यालय के सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रतिदिन की उपस्थिति रिपोर्ट सुबह 9:30 बजे तक जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में भेजना भी सुनिश्चित करना होगा।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा केवल स्कूल में नामांकन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसकी नियमित उपस्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे प्रत्येक विद्यालय की वास्तविक स्थिति पर प्रतिदिन निगरानी रखी जा सके।
उपायुक्त डॉ हरीश ने बताया कि विद्यालयों के सूचना बोर्ड पर कुल नामांकित विद्यार्थियों की संख्या, उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या तथा अनुपस्थित विद्यार्थियों की संख्या स्पष्ट रूप से अंकित की जाएगी। इसके अतिरिक्त यह भी रिकॉर्ड रखा जाएगा कि महीने में किन-किन दिनों विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रहती है और उसके पीछे क्या कारण हैं। इस विश्लेषण के आधार पर शिक्षा विभाग आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगा ताकि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों के हेड मास्टर और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे इस व्यवस्था को पूरी गंभीरता के साथ लागू करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में लगातार विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई जाती है तो उसके कारणों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति का सीधा संबंध उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों से होता है। जब बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएंगे, तभी उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सरकारी योजनाओं का लाभ और बेहतर सीखने का वातावरण मिल सकेगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल आंकड़े एकत्र करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और ड्रॉपआउट की संभावनाओं को न्यूनतम करना है।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को भी निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों से प्राप्त होने वाली दैनिक रिपोर्ट का नियमित विश्लेषण किया जाए तथा जिन स्कूलों में उपस्थिति अपेक्षाकृत कम हो, वहां विशेष अभियान चलाकर अभिभावकों से संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास से ही सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि इस से विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने सभी स्कूल प्रमुखों से आह्वान किया कि वे इन निर्देशों का अक्षरशः पालन करें और जिले में शिक्षा सुधार अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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