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योजनाओं से अपडेट रहें किसान: डॉ. वजीर

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at February 17, 2023 Tags: , , ,

केवीके उझा में किसान क्लब की जिला स्तरीय बैठक आयोजित

BOL PANIPAT , 17 फरवरी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पानीपत के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने कहा कि आज के तकनीकी और संचार साधनों के युग में अपने व्यवसाय से संबंधित जानकारी होना प्रत्येक सफल व्यक्ति के लिए आवश्यक है। इसलिए किसानों को भी अपनी खेती में लगातार सुधार और उसे रोजगारपरक बनाने के लिए सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं से अपडेट रहने की जरूरत है। डॉ. वजीर शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र उझा में जिला किसान क्लब की आयोजित मीटिंग में उपस्थित किसानों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तह 293 किसानों को 4 करोड़ रूपये की अनुदान राशि सीधे उनके खाते में दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरूआत वर्ष 2016 से अब तक जिले में 15 हजार किसानों को लगभग 19 करोड़ रूपये का मुआवजा दिया गया है।
डॉ. वजीर ने कहा कि बेशक विभिन्न अनुसंधानों के माध्यम से आज फसल उत्पादन काफी बढ़ गया है, लेकिन अब इस उत्पादन को जहरमुक्त बनाने की जिम्मेदारी भी है। विभिन्न रसायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल के कारण हमारा भोजन विषाक्त हो चुका है जिसकी वजह से अनेक लाइलाज बीमारियां फैल गई हैं। इसलिए आज पुन: किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर लौटने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि किसान किस प्रकार से देसी गाय के गोबर व मूत्र आदि सामान्य उपलब्ध वस्तुओं से ही प्राकृतिक खाद तैयार कर सकते हैं और स्वास्थ्य के लिए हितकर उत्पादन कर सकते हैं। प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को कुरूक्षेत्र स्थित गुरूकुल में प्रशिक्षण दिलवाने की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने किसान क्लब के सदस्यों से अनुरोध किया कि वे लगातार विभागीय अधिकारियों के संपर्क में रहें तथा योजनाओं से संबंधित जानकारियों को अन्य किसानों से भी साझा करें ताकि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंच सके। इसके लिए अब प्रति माह किसान क्लब की बैठक होगी।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र उझा के वरिष्ठ संयोजक डॉ. राजबीर सिंह गर्ग ने किसानों को गेहूं-धान फसल चक्र के अलावा अन्य नकदी फसलों की ओर ध्यान देने का आह्वान किया तथा बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को फसलों में होने वाली बीमारियों व उनके उपचार संबंधी तकनीकी जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा तैयार है। केवीके की ओर से किसानों को कृषि पुस्तक भी वितरित की गई। इस अवसर पर विषय विशेषज्ञ डॉ. देवेन्द्र कुहाड़ व सहायक सांख्यिकी अधिकारी हरबंस सिंहमार ने भी किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

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