किसान पर्यावरण की बेहतरी के लिए डीएसआर से करें धान की सीधी बिजाई: डॉ. वजीर सिंह
विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने आधुनिक मशीन डीएसआर का किया प्रदर्शन
BOL PANIPAT , 18 मई। कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान धान बिजाई की आधुनिक तकनीक डीएसआर से धान की सीधी बिजाई करें। इससे पर्यावरण संरक्षण होता है व पैदावार भी अच्छी होती है। इस तकनीक के बारे में किसानों को जागरूक करने को लेकर विभाग के कर्मचारियों ने बापौली खंड के गांव धनसौली में प्रदर्शन कर किसानों को उसके महत्त्व व डीएसआर क्या है के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
विभाग के उपनिदेशक ने बताया कि इस धान की इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से धान के पौधे की बिना नर्सरी तैयार किए उसके बीज को खेत में लगाया जाता है। इसमें एक किलो धान पैदा करने में लगभग 5000 लीटर पानी की खपत होती है। इस विधि के प्रयोग से 20 प्रतिशत पानी की बचत होने के साथ-साथ श्रम, समय और खर्च में भी भारी बचत होगी। किसानों को धान की सीधी बिजाई करने के लिए सरकार की ओर से 4000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
उन्होंने बताया कि सीधी बिजाई से फसलों में बीमारियां भी कम लगती हैं। हर डीएसआर मशीन की खऱीद पर सरकार द्वारा किसानों को 4000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि अब किसानों की धान सम्बंधी किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हागी। धान की फसल के लिए डी एस आर राम बाण है। इसके प्रयोग से न पानी की अधिक खपत होती है न धन की,न समय की और न श्रम ज्यादा करना पड़ता है। इससे पैदावार में शानदार वृद्धि वृद्धि होती है। इस मौके पर एसडीओ देवेंद्र सिंह के अलावा अनेक कृषि वैज्ञानिक व किसान मौजूद रहे।

Comments