धान नहीं लगाने वाले किसानों को मिलेगी 7 हजार रुपए प्रति एकड़ की सहायता – उपायुक्त
BOL PANIPAT, 3 जुलाई : जल संरक्षण सहित भूमिगत जलस्तर को सुधारने की दिशा हरियाणा सरकार द्वारा अहम कदम उठाते हुए धान की फसल नहीं लगाने वाले किसानों को सात हजार रूपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है । मेरा पानी – मेरी विरासत योजना के तहत दिए जाने वाले अनुदान का लाभ लेने के लिए संबंधित किसान को मेरी फसल – मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी है । इस बारे में जानकारी देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक वजीर सिंह ने बताया कि लगातार गिरते जा रहे भू – जलस्तर व जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा मेरा पानी – मेरी विरासत योजना चलाई जा रही है ।
इसके तहत किसानों को धान की जगह अन्य फसल की खेती करने पर सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है । भू – जलस्तर सुधारने व जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने वर्ष 2020-21 में मेरा पानी मेरी विरासत योजना की शुरुआत की थी । योजना के माध्यम से जल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे लोगों व संस्थाओं को अनुदान दिए जा रहे हैं । इस वर्ष खरीफ सीजन में किसान धान की फसल को छोड़ कर दूसरी फसल जैसे मक्का , कपास , अरहर , मूंग , मोठ , उड़द , ग्वार , सोयाबीन , तिल , मूंगफली , अरंडी या बागवानी की फसल की खेती करता है तो उसे प्रति एकड़ सात हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ।
उन्होंने बताया कि किसी किसान ने पिछले वर्ष धान की बजाय दूसरी फसल ली थी और इस बार धान के बदले खाली खेत रखने वालों को भी सरकार की ओर से सात हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है । कृषि एवं किसान कल्याण विभाग , बागवानी विभाग , राजस्व विभाग के कर्मचारियों की कमेटी से जमीन का सत्यापन होने के बाद प्रोत्साहन राशि की अदायगी किसान को सीधे खाते में मिलेगी । उन्होंने बताया कि इस बारे में पूर्ण जानकारी के लिए जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं ।

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