Friday, April 17, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में मेगा टेलेंट हंट शो का भव्य एवं रंगारंग आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at August 28, 2024 Tags: , ,

-कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निर्देशानुसार हुआ आयोजन

-नृत्य में सलोनी और आर्यन ने बाजी मार पाया प्रथम स्थान

-मनोरंजन के साथ-साथ सभी युवाओं से अपील कि वह शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करके लोकतंत्र को मजबूत करें: डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT , 28 अगस्त, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में छात्र-छात्राओ में छिपी प्रतिभा एवं टैलेंट को उजागर करने हेतू तथा उन्हें उचित मंच प्रदान करने के उद्देश्य से टेलेंट हंट शो आयोजन के दूसरे दिन नृत्य की प्रतियोगिता कराई गई जिसमें सलोनी और आर्यन ने लगभग 150 प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान पर कब्ज़ा किया । कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने की । उनके साथ कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी डॉ संगीता गुप्ता, कार्यक्रम की सूत्रधार डॉ मोनिका खुराना समेत अन्य प्राध्यापक भी उपस्थित रहे । विदित रहे कि आज के सभी विजेता विद्यार्थियों को न सिर्फ पुरस्कारों एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा बल्कि उन्हें कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के प्रतिष्ठित यूथ फेस्टिवल, रत्नावली तथा ऐसी ही अन्य बड़ी प्रतियोगिताओ और सांस्कृतिक गतिविधियों में कॉलेज का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिलेगा । इस को लेकर कॉलेज प्रशासन प्रत्येक वर्ष कला के क्षेत्र में माहिर कलाकारों और महारथियों को आमंत्रित करके इन उभरते कलाकारों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करता है ताकि वे कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सके ।

‘बावन गज का दामण पहन मटक चालूँगी’, ‘यो सुथरा लागे सूट’, ‘रामजी ने जोबन दिया’, ‘मोहे रंग दे’, ‘छोकरा जवान रे’, ‘मित्रां दा ना चलदा’, ‘दिलबर दिलबर’, ‘चिकनी चमेली’, ‘वो है रंगीला छेल छबीला, ‘तेरी अंखिया ने लिखे लव लैटर’, ‘तेनू काला चस्मा जचदा ए’, ‘हाई हील्स ते नाचे’, पंजाबी गीत ‘ख्वाब’, ‘बीट पे बूटी’, ‘मैं नाचू आज छम छम छम’ आदि गीतों पर छात्र-छात्राओ ने खचाखच भरे हाल में पूरे जोशो-जूनून के साथ पाश्चात्य और भारतीय नृत्य पेश किये और उनके साथ दर्शक भी जम कर थिरके ।
दिनेश गोयल प्रधान ने अपने सन्देश में कहा कि समय रहते बहुमुखी व्यक्तित्व का निर्माण अगर हो जाए तो हमें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है । सह-पाठ्यचर्या और सांस्कृतिक गतिविधियों के बिना शिक्षा अधूरी है । इस प्रकार के कार्यक्रमों से सांस्कृतिक मूल्य प्रचारित होते है और हमें नया सीखने का अनुभव मिलता है । नेतृत्व के गुण और नैतिक मूल्यों में वृद्धि का इनसे बढ़िया साधन अन्यत्र कहीं नहीं है ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि अब विद्यार्थी पढ़ाई के अलावा भी अन्य दूसरे क्षेत्रो में अपना भविष्य बना सकते है । जीवन को अर्थपूर्ण, उद्देश्यपूर्ण एवं उर्जावान बनाए रखने के लिए अध्ययन के साथ-साथ इस प्रकार की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में भाग लेना आवश्यक है । उन्होनें कहा कि पंख ही काफी नहीं हैं आसमानों के लिए
हौसला भी चाहिए ऊँची उड़ानों के लिए और इस प्रकार के आयोजनों से छात्र-छात्राओं में हौंसला पैदा होता है और उनका आत्म-विश्वास बढ़ता है । कुरुक्षेत्र विश्वविधालय द्वारा आयोजित वार्षिक युवा महोत्सव, रत्नावली एवं इसी प्रकार के अन्य अंतर-महाविधालय और अंतर-विश्वविधालय में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर इन युवाओं को मिलेगा जिसका इन्हें जीवन में भरपूर लाभ मिलेगा ।
नृत्य प्रतियोगिता का परिणाम –
प्रथम सलोनी बीए-प्रथम
आर्यन बीए-द्वितीय
द्वितीय अमन बीकॉम-प्रथम
रेशमा बीए-द्वितीय
तृतीय मानसी बीए-प्रथम
वर्तिका एमकॉम-प्रथम
सांत्वना आँचल बीए-द्वितीय
वंदना बीए-द्वितीय

इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ संगीता गुप्ता, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ एसके वर्मा, डॉ मोनिका खुराना, डॉ संतोष कुमारी, डॉ सुशीला बेनीवाल, डॉ राहुल जैन, प्रो जगमती सांगवान, प्रो कविता, प्रो किरण मलिक, दीपक मित्तल मौजूद रहे ।

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