आर्य कॉलेज में पुरानी पुस्तकों की प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
-विद्यार्थियों ने न्यूनतम के दामों में खरीदीं ज्ञान की धरोहरें- प्रो.डॉ.गुप्ता
BOL PANIPAT – वीरवार 29 जनवरी 2026, आर्य कॉलेज के पुस्तकालय विभाग द्वारा आज कॉलेज की विद्यानंद सरस्वती पुस्तकालय में एक विशेष ‘पुरानी पुस्तक प्रदर्शनी व बिक्री’ का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देना और दुर्लभ व उपयोगी पुस्तकों को उन तक सुलभ बनाना था।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो.डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा, “किताबें कभी पुरानी नहीं होतीं, उनका ज्ञान हमेशा प्रासंगिक रहता है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में ज्ञान से वंचित न रहे। डॉ. गुप्ता ने कहा कि पुरानी पुस्तकें हमारी धरोधर है,इसी सोच के साथ इन पुस्तकों को बेहद कम दामों पर विद्यार्थियों को सौंपा गया है।”
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में साहित्य, इतिहास, विज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं और दर्शनशास्त्र से जुड़ी हजारों पुरानी एवं दुर्लभ पुस्तकें प्रदर्शित की गईं।इस आयोजन का सबसे आकर्षक पहलू पुस्तकों की कीमत रही। विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम और रुचि की पुस्तकें नाममात्र के शुल्क (बहुत ही कम दाम) पर उपलब्ध कराई गईं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी अपनी पसंद की किताबें खरीद सकें।
पुस्तकालय विभाग की प्रभारी डॉ. मनीषा ढुढेजा ने बताया कि दो दिन चली इस प्रदर्शनी में भारी उत्साह के साथ सुबह से ही पुस्तकालय परिसर में छात्रों की भारी भीड़ उमड़ी। विद्यार्थियों ने न केवल अपनी पढ़ाई से संबंधित किताबें लीं, बल्कि विश्व साहित्य और सामान्य ज्ञान की पुस्तकों में भी गहरी रुचि दिखाई।
प्रदर्शनी में आए विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी दुर्लभ किताबें मिलीं जो बाज़ार में या तो उपलब्ध नहीं हैं या बहुत महंगी हैं।
इस अवसर पर पुस्तकालय विभाग की प्राध्यापिका सीमा, पुनम समेत सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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