Tuesday, October 13, 2026
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रक्त की हर बूंद में जिंदगी की उम्मीद, सामान्य अस्पताल का रक्त केंद्र 24 घंटे जरूरतमंदों की सेवा में तत्पर: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 13, 2026 Tags: , , , , , ,

133 रक्तदान शिविरों से जुटाईं करीब 10 हजार यूनिट रक्त, जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक बना जिला नागरिक अस्पताल का रक्त केंद्र

दुर्घटना हो या गंभीर बीमारी, समय पर रक्त उपलब्ध करवाकर जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभा रहा रक्त केंद्र

14 सदस्यीय स्टाफ और चौबीसों घंटे सेवाएं, स्वैच्छिक रक्तदान के सहारे मरीजों को जीवनदान देने में जुटा पानीपत का रक्त केंद्र

BOL PANIPAT , 13 अक्टूबर। रक्तदान मानवता की सेवा का ऐसा पुनीत कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद को जीवन की नई उम्मीद मिलती है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचानी हो, गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज का उपचार करना हो, किसी महिला को प्रसव के दौरान रक्त की जरूरत हो या किसी मरीज का बड़ा ऑपरेशन करना हो, ऐसी परिस्थितियों में समय पर रक्त की उपलब्धता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकती है। इसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाते हुए जिला नागरिक अस्पताल में स्थित रक्त केंद्र जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध करवाने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्र में पूरे वर्ष 24 घंटे सेवाएं देने की व्यवस्था है और 14 सदस्यीय स्टाफ रक्त संबंधी सेवाओं के संचालन में जुटा है। मार्च 2024 से अब तक आयोजित 133 रक्तदान शिविरों के माध्यम से करीब 10 हजार यूनिट रक्त एकत्रित किया गया है। यह आंकड़ा स्वैच्छिक रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों को दर्शाता है।

रक्त केंद्र की उपयोगिता केवल रक्त एकत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को आवश्यकता के समय रक्त उपलब्ध करवाना इसकी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सडक़ दुर्घटनाओं में घायल लोगों, गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों, ऑपरेशन करवाने वाले व्यक्तियों और प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव का सामना करने वाली महिलाओं के उपचार में रक्त की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त थैलेसीमिया और गंभीर एनीमिया से पीडि़त मरीजों को भी चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार रक्त अथवा रक्त घटकों की जरूरत पड़ सकती है। मानव रक्त का पूर्ण कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वैच्छिक रक्तदान की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल का रक्त केंद्र रक्तदाताओं से प्राप्त रक्त को निर्धारित जांच प्रक्रियाओं के बाद जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहा है।

  उल्लेखनीय है कि इस केंद्र के माध्यम से अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों की जान बचाने में मदद मिली है। यह केंद्र की सेवाओं के मानवीय महत्व को रेखांकित करता है। अगर दो वर्षों की बात करें तो मार्च 2024 से अक्टूबर 2026 तक विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से 133 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से करीब 10 हजार के करीब यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने आगे आकर इस अभियान में योगदान दिया, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाया जा सके। रक्तदान शिविरों के आयोजन में सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि समाज में मानव सेवा की भावना को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास कितने जरूरी हैं। रक्तदान के प्रति जागरूकता बढऩे से रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में सहायता मिलती है। रक्त केंद्र में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में करीब 50 से 60 यूनिट रक्त सुरक्षित रखा गया है। रक्त की उपलब्धता और मांग में संतुलन बनाए रखने के लिए नियमित स्वैच्छिक रक्तदान तथा रक्त भंडार की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

निशुल्क रक्त सेवाओं से मरीजों को राहत

रक्त केंद्र के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार रक्त उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है। ध्यान रहे कि यहां केंद्र में रक्त के बदले रक्त देने की अनिवार्यता नहीं रखी गई है और रक्त उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया निशुल्क रही है। इससे जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को कठिन परिस्थितियों में सहायता मिलती है। यहां रोजाना कोई ना कोई रक्तदाता रक्तदान के लिए आता रहता है।

    केंद्र से जुड़े डॉ. रजत गुप्ता के अनुसार, अब तक उपलब्ध आंकड़ों में लगभग 98.54 प्रतिशत रक्त सरकारी अस्पताल के मरीजों को जारी किया गया है, जबकि करीब डेढ़ प्रतिशत रक्त निजी अस्पतालों के मरीजों को उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने बताया कि रक्तदाता के रक्त की आवश्यक जांच की जाती है और रक्तदान से पहले उसकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जाता है। केंद्र में रक्तदाताओं की काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में ओ पॉजिटिव और बी पॉजिटिव रक्त समूह का रक्त उपलब्ध है, जबकि एबी नेगेटिव रक्त समूह की कमी महसूस की जा रही है। दुर्लभ रक्त समूहों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे रक्तदाताओं को जागरूक करना जरूरी है, ताकि जरूरत पडऩे पर मरीजों को समय पर सहायता मिल सके।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का ऐसा पुनीत कार्य है, जिसके माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने में योगदान किया जा सकता है। रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या प्रसव जैसी परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद आवश्यक होता है।

उन्होंने कहा कि जिला नागरिक अस्पताल स्थित रक्त केंद्र जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। केंद्र की चौबीसों घंटे सेवाएं और रक्तदान शिविरों के माध्यम से रक्त जुटाने के प्रयास मरीजों के उपचार में सहायक हैं। इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नियमित रक्तदान तथा पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना आवश्यक है।

उपायुक्त ने कहा कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को रक्तदान के महत्व को समझना चाहिए और स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। युवाओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे रक्तदान से संबंधित भ्रांतियों से बचें, सही जानकारी प्राप्त करें और चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान करें। एक रक्तदाता का योगदान किसी जरूरतमंद परिवार के लिए आशा और राहत का माध्यम बन सकता है।

रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान सामान्यत: सुरक्षित प्रक्रिया है। रक्तदान से पहले रक्तदाता के स्वास्थ्य की जांच की जाती है तथा प्रक्रिया के दौरान नई, निष्फल सुई और सुरक्षित उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। उपायुक्त का नागरिकों से आग्रह है कि वे अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप चिकित्सकीय सलाह लें और स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से पहले रक्तदाता को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सही तरीके से देनी चाहिए। रक्तदान के बाद कुछ समय आराम करना, पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और स्वास्थ्यकर्मियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। निर्धारित अंतराल पर रक्तदान करने से रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है।

सामान्य तौर पर 18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान के लिए पात्र हो सकते हैं। रक्तदान से पहले व्यक्ति के वजन, हीमोग्लोबिन स्तर, रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रक्तदाता का वजन 45 किलोग्राम से अधिक और हीमोग्लोबिन का स्तर 12.5 ग्राम प्रतिशत से अधिक होना चाहिए। अंतिम पात्रता का निर्णय रक्त केंद्र में चिकित्सकीय जांच के आधार पर किया जाता है।

रक्तदान करने वाले व्यक्ति को खाली पेट नहीं आना चाहिए। रक्तदान से पहले पर्याप्त भोजन और पानी लेना चाहिए। बुखार, संक्रमण या कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में रक्तदान को अस्थायी रूप से टाला जा सकता है। कुछ बीमारियों में रक्तदान पर स्थायी प्रतिबंध भी लागू हो सकता है। इसलिए रक्तदान से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति और दवाओं के बारे में चिकित्सक को सही जानकारी देना जरूरी है।

रक्तदान को लेकर भ्रांतियों से बचें

कई लोग रक्तदान के बाद कमजोरी आने या संक्रमण होने की आशंका के कारण रक्तदान करने से पीछे हट जाते हैं। सुरक्षित रक्तदान प्रक्रिया में प्रत्येक रक्तदाता के लिए नई, निष्फल सुई और निर्धारित उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। रक्तदान के बाद कुछ समय आराम करना, पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और स्वास्थ्यकर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। अगली बार रक्तदान करने की पात्रता व्यक्ति की पिछली रक्तदान तिथि, स्वास्थ्य और लागू चिकित्सकीय मानकों के आधार पर तय होती है।

24 घंटे सेवाओं के लिए तत्पर रक्त केंद्र

जिला नागरिक अस्पताल  स्थित रक्त केंद्र की सेवाएं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सहारा हैं। 14 सदस्यीय स्टाफ, स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सहयोग और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी इस व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में योगदान दे रहे हैं। करीब 10 हजार यूनिट रक्त एकत्रित करने के लिए आयोजित 133 शिविरों का प्रयास इस दिशा में उल्लेखनीय है।

हालांकि, रक्त की मांग लगातार बदलती रहती है और प्रत्येक रक्त समूह की उपलब्धता समान नहीं होती। इसलिए रक्त केंद्र की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए नियमित रक्तदान शिविर, सुरक्षित रक्त संग्रह, आवश्यक जांच, रक्त भंडार की निगरानी और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुंचाना जरूरी है। आम नागरिकों की भागीदारी से इस व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।

रक्तदान किसी एक व्यक्ति की मदद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। स्वस्थ नागरिकों को अधिकृत रक्त केंद्रों या रक्तदान शिविरों में स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि जरूरत के समय किसी मरीज को रक्त की कमी के कारण उपचार में परेशानी का सामना न करना पड़े। रक्तदान करें, जीवन बचाने में भागीदार बनें। आपकी एक पहल किसी जरूरतमंद को जीवन की नई उम्मीद दे सकती है।

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