डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की सख्ती का असर: मतलौडा मंडी में जलभराव व सीवरेज की समस्याओं का समाधान, सभी चिन्हित रकार्य पूरे
मंडी के निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर डीसी ने अधिकारियों को दिए थे तत्काल सुधार के निर्देश
मार्केट कमेटी और पीडब्ल्यूडी ने समयबद्ध कार्रवाई कर सुनिश्चित की अनुपालना, किसानों की फसल की सुरक्षा और सुचारू खरीद व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता
BOL PANIPAT , 17 अक्टूबर। मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए जिला प्रशासन की सक्रियता का असर मतलौडा अनाज मंडी में देखने को मिला है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ द्वारा मंडी के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए थे। डीसी के स्पष्ट निर्देशों के बाद मार्केट कमेटी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी चिन्हित सुधार कार्य पूरे कर दिए हैं।
शुक्रवार को मतलौडा मंडी के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सीवरेज व्यवस्था बाधित होने और जलभराव के कारण किसानों की धान की फसल प्रभावित होने की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में व्यवस्थाओं की कमियों को किसी भी सूरत में नजरअंदाज न किया जाए और किसानों की परेशानी का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीद के सीजन में किसानों की उपज की सुरक्षा और मंडी में सुचारू व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरीक्षण से समाधान तक, डीसी ने सुनिश्चित करवाई जवाबदेही
उपायुक्त ने मौके पर मिली कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी और सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद मार्केट कमेटी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए सभी चिन्हित कार्य पूरे किए। इस प्रकार निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखते हुए उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की इस पहल से स्पष्ट संदेश गया है कि मंडियों में व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। जिला प्रशासन खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडियों में जल निकासी, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कर रहा है।
किसानों की सुविधा और फसल की सुरक्षा पर विशेष जोर
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि किसानों को मंडियों में अपनी फसल बेचने के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। धान की उपज सुरक्षित रहे, खरीद व्यवस्था सुचारू चले और किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी धान की फसल अच्छी तरह सुखाकर मंडी में लेकर आएं, ताकि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
मतलौडा मंडी में सुधार कार्यों का पूरा होना जिला प्रशासन की निगरानी, अधिकारियों की जवाबदेही और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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