शिक्षा में रचनात्मक गतिविधियों और शिक्षण से जुड़े खेलों की अहम भूमिका: प्रो अन्नू आहूजा
-एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में अंग्रेजी विभाग की ‘लिटरेरी माइंडस’ एसोसिएशन द्वारा ऐनग्रैम प्रतियोगिता का आयोजन
-शिवानी शर्मा, विवेक मिट्ठन, अभिषेक भारद्वाज और जान्वी गांधी ने बाजी मारकर जीता पाया पहला स्थान
BOL PANIPAT , 22 सितम्बर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में एमए और बीए अंग्रेजी ऑनर्स के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने अंग्रेजी विभाग में स्थापित ‘लिटरेरी माइंडस’ एसोसिएशन के तत्वाधान में ऐनग्रैम प्रतियोगिता में भाग लिया और दिए गए शब्दों या पदबंधों के वर्णों के क्रम में परिवर्तन करके नए शब्द बनाए. प्रतियोगिता में कुल 15 टीमों ने भाग लिया और प्रत्येक टीम में 4 प्रतिभागी रहे. प्रतिभागियों ने न सिर्फ अपने शब्द ज्ञान को विस्तृत किया बल्कि सफल प्रतिभागियों ने नकद पुरस्कार भी हासिल किये. ऐनग्रैम प्रतियोगिता में एमए अंग्रेजी की शिवानी शर्मा, बीए आनर्स के विवेक मिट्ठन, अभिषेक भारद्वाज और जान्वी गांधी की टीम ने बाजी मारकर प्रथम पुरस्कार और नकद पुरस्कार हासिल किया.
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया और कार्यक्रम की सूत्रधार प्रो अन्नू आहूजा विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग रही. उनके साथ अंग्रेजी विभाग से डॉ एसके वर्मा, डॉ संतोष कुमारी, डॉ मोनिका खुराना, प्रो वीरेंद्र गिल, प्रो डेनसन डी पॉल, प्रो मणि, प्रो दीप्ति शर्मा, प्रो मिनाक्षी और प्रो प्रीती महला ने कार्यक्रम में सक्रीय भूमिका निभाई और प्रतियोगिता को संपन्न करवाया.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं हमारे व्यक्तित्व के सही विकास को प्रोत्साहित करती है बशर्ते हम इनमें गंभीरता और सकारात्मकता के साथ भाग लें. इस प्रकार के आयोजनों से न सिर्फ हम अपनी मौखिक अभिव्यक्ति में वृद्धि कर सकते हैं बल्कि ऐसे शिक्षण खेलों से हम अपनी शब्दावली, धारा प्रवाहता और भाषा की स्पष्टता में सुधार कर सकते है. आपसी मेलजोल और समूह में काम करना समाजीकरण का सबसे सशक्त माध्यम है. खुद की अभिव्यक्ति का विकास और सुधार ऐसे आयोजनों के माध्यम से संभव है. हम अपने चरित्र की संवेदनाओं और भावनाओं को सटीकता के साथ व्यक्त करना ऐसी गतिविधियों के माध्यम से सीखते है. शिक्षा में रचनात्मक गतिविधियों और शिक्षण से जुड़े खेलों की भूमिका अतुलनीय है. इस प्रतियोगिता के माध्यम से न सिर्फ युवाओं के ज्ञान में वृद्धि हुई है बल्कि उनमे आत्मविश्वास के भाव का संचार भी हुआ है. अंग्रेजी भाषा और अंग्रजी के शब्दकोष पर तैयार किये गए इस खेल का उद्देश्य सार्थक एवं प्रासंगिक शब्दों के भण्डार को छात्र-छात्राओं तक पहुंचाना था ताकि प्रतियोगी छात्र इनके अभ्यास द्वारा परीक्षाओं में भी इनका प्रयोग कर सकें. प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नेट, यूपीएससी आदि की परीक्षा में इनका भरपूर लाभ मिलता है. किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने से हमारी खुद की समझ भी व्यापक बनती है.
कार्यक्रम की संयोजक एवं अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो अन्नू आहूजा ने बताया कि ऐनग्रैम प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पुरे जोश और जूनून के साथ हिस्सा लिया. कार्यक्रम की सफलता ने उन्हें भविष्य में भी ऐसे आयोजन करने को प्रौत्साहित किया है. छात्र-छात्राओं की सक्रीय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को रोचक बना दिया. असल में ऐनग्रैम एक प्रकार का संक्षिप्त मूल्यांकन भी हैं जिसकी मदद से हम यह जान सकते कि किसी व्यक्ति का भाषा विशेष में ज्ञान का स्तर कितना है और वह उस भाषा में कितना पारंगत है. जिस व्यक्ति के पास शब्दों की कमी नहीं होती है ऐसा व्यक्ति अपने भावों को सटीकता और सजीवता के साथ अभिव्यक्त कर सकता है.

Comments