फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं न हो घटित. प्रशासन करेगा ठोस निगरानी प्रबंधन.
स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों के माध्यम से चलेगा जागरूकता अभियान
BOL PANIPAT , 9 सितंबर। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि भविष्य में जिले में धान व अन्य फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं न घटित हों इसको लेकर ठोस निगरानी प्रबंध किये जायेंगे। फसल अवशेषों को जलाने पर रोक लगाने के लिए स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाई जायेगी। पिछले वर्षों में स्थापित हुए कस्टम हायरिंग सेंटरो की चेकिंग करना भी सुनिश्चित किया जायेगा।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे विकल्पों के बारे में भी जागरूक किया जायेगा ताकि किसान अपनी आमदनी में भी इजाफा कर सकें और पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दे सकें। उपायुक्त ने बताया कि अधिकारियों को विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियानों के माध्यम से स्कूली छात्रों की रैली निकालकर पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों व वैकल्पिक पराली प्रबंधन के समाधानों से अवगत कराया जायेगा। सरकार द्वारा दी जाने वाली 1000 रुपये प्रति एकड़ की दर से इनसीटू एवं एक्स सीटू प्रबन्धन करने पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बारे भी जानकारी दी जाए।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि जिले में सभी सरकारी, निजी व एडिड स्कूलों व कॉलेजों में संस्था द्वारा एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जायेगा जो एनएसएस के पांच स्वयंसेवकों के साथ मिलकर फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए चेतना अभियान चलायेगा। आम व्यक्ति को फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए प्रभात-फेरी निकालने की योजना पर भी काम किया जाएगा। इस जागरूक अभियान के तहत सुबह प्रार्थना के समय विद्यार्थियों को फसल अवशेषों को न जलाने बारे संस्थाएं शपथ दिलवायेंगी ताकि इसे सफल बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि किसानों के जो बच्चे शैक्षणिक संस्थाओं मेें पढ़ते हैं वे भी अपने-अपने अभिभावकों को फसल अवशेष न जलाने की अपील कर सकते हैं। शैक्षणिक संस्थान भी फसल अवशेषों को जलाने से होने वाली हानि से अवगत करवाने वाली पेंटिंग-प्रतियोगिताएं भी आयोजित कर इस अभियान को सफल बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह प्रार्थना के समय विद्यार्थियों को फसल अवशेषों को न जलाने बारे शपथ दिलवाए जाने को भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के जो बच्चे शैक्षणिक संस्थाओं मेें पढ़ते हैं वे अपने-अपने अभिभावकों को फसल अवशेष न जलाने की अपील कर सकते हैं। शैक्षणिक संस्थान फसल अवशेषों को जलाने से होने वाली हानि को अवगत करवाने वाली पेंटिंग-प्रतियोगिताओं का संस्थान में आयोजन कर सकते हैं।

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