भारत की बढ़ी ताकत अहिंसा और सर्वकल्याण की भावना है : पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
BOL PANIPAT : 4 अप्रैल। भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि आज भारत विश्व शक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ी हुई शक्ति का ही प्रमाण है कि हम रूस-युक्रेन युद्घ के बीच वहां से अपने 23 हजार ये अधिक विद्यार्थियों को सकुशल वापिस लेकर आए। यह बात उन्होंने आज पानीपत टीडीआई सिटी में आयोजित भगवान महावीर जयंती कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यअतिथि के रूप में कही।
इस मौके पर हरियाणा के महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी सविता कोविंद, जैन मुनि समर्पण सागर जी महाराज, पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, करनाल लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय भाटिया के पुत्र चांद भाटिया भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उपस्थित जनसमूह को भगवान महावीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की बढ़ी ताकत अहिंसा और सर्वकल्याण की भावना है। भगवान महावीर ने मानवता को अहिंसा का संदेश दिया। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुह को सम्बोधित करते हुए कहा कि वीरों में वीर भगवान महावीर हैं। उन्होंने कहा कि जिस कालखंड में भगवान महावीर हुए उसी कालखंड में भगवान बुद्ध भी हुए। बिहार के राज्यपाल रहते हुए मुझे इन दोनों विभुतियों के बारे में जानने का अवसर मिला। मेरा मानना है कि दोनों ही महान विभूतियों की भेंट जरूर हुई होगी। दोनों ने लोक कल्याण के लिए जीवन समर्पित किया। बिहार में भगवान महावीर की जन्मस्थली और निर्वाण स्थली हैं। दोनों स्थलों के दर्शन जैन समुदाय ही नही सभी लोगों को करने चाहिए। इन दोनों स्थानों के दर्शन से नई प्रेरणा मिलती है। हमारे सभी 24 तीर्थंकरों ने मानवता को जनकल्याण की बड़ी सीख दी। जीओ और जीने दो के सिद्धांत की शिक्षा दी। संयम और सेवा का मार्ग अपनाकर जैन संतों ने मानवता को नई राह दिखाई है और आगे भी दिखा रहे हैं। जैन परम्परा के तीन सिद्धांत सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक आचरण हैं। इन तीनों को अपनाकर जीवन कि किसी भी समस्या से पार पाया जा सकता है।
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि रूस और यूक्रेन युद्ध का विराम हो सकता है तो वह भारत के दिखाए रास्ते से से ही सम्भव है। यह एक तरह से विश्व युद्ध है। केवल यूके्रन नहीं पूरी मानवता का नुकसान हो रहा है। जब युद्ध शुरू हुआ तो सभी देशों ने हाथ खड़े कर दिए थे लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से बात की और यूके्रन में पढ़ाई कर कर रहे अपने छात्रों को सुरक्षित भारत लेकर आए। यह भारत की ताकत ही है कि विद्यार्थी भारत का तिरंगा लेकर चले और युक्रेन से बाहर निकल कर आए। 23000 बच्चों की जान जोखिम में थी। वहां से विद्यार्थियों को सुरक्षित निकालने का काम एक विश्व शक्ति ही कर सकता है।
उन्होंने अपने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि पहले भारत के राष्ट्रपति या प्रधानमन्त्री विदेश जाते थे तो कोई मंत्री रिसीव करने आते थे। 2017 के बाद मैने देखा है कि बाहर जाने पर राष्ट्रपति ही नहीं प्रधानमंत्री भी रिसीव करने आए हैं।
यह केवल भारत के बढ़ते प्रभाव के कारण ही हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना नियंत्रण पर जिस प्रकार हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जबरदस्त काम किया। उसी का परिणाम है कि विश्व ने हमारा लोहा माना। उन्होंने कहा कि प्रकृति का नियम है जो आप देते हैं तो वो कई गुना वापस होकर आपको मिलता है। अच्छा करें तो फल अच्छा ही मिलेगा। भगवान महावीर के संदेश का पालन करें। दया, दान की भावना होनी चाहिए। उनकी शिक्षाओं का पालन करें। उन्होंने कहा कि जहां भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को गीता का संदेश दिया, उसी धरती के निकट पानीपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का आह्वान किया था, उसके लिए सभी का सहयोग रहा है। पानीपत की यह धरती जनकल्याण की भावना से आगे बढ़े यही सभी संकल्प लें। इस मौके पर भगवान महावीर विश्वविद्यालय के चांसलर नंद किशोर, पवन जिंदल , पानीपत के उपायुक्त सुशील सारवान, एसपी शशांक कुमार सावन, डीआरओ डॉ. राजकुमार भौरिया एवं काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। इससे पूर्व पानीपत जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त सुशील सारवान, एसपी शशांक कुमार सावन ने पूर्व राष्ट्रपति का कार्यक्रम में पंहुचने पर पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया।

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