ई-बसों में सफर करने वाले कॉलेज विद्यार्थियों को कॉलेज तक पहुंचाने के बजाय करीब 4 किलोमीटर समालखा क्षेत्र मे दूर उतारने का इनसो ने किया विरोध.
BOL PANIPAT : पानीपत में ई-बसों में सफर करने वाले कॉलेज विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ताजा मामला उस समय सामने आया जब समालखा मे ई-बस के कंडक्टर ने कथित तौर पर अपनी मनमर्जी दिखाते हुए 30 से अधिक छात्र-छात्राओं को उनके कॉलेज तक पहुंचाने के बजाय करीब 4 किलोमीटर समालखा क्षेत्र मे दूर ही उतार दिया इसके कारण विद्यार्थियों को पैदल चलकर कॉलेज पहुंचना पड़ा
इस मामले पर इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ने कड़ा विरोध जताया है इनसो के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष बलराज देशवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र जैलदार ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ई-बसों का संचालन विद्यार्थियों और आम जनता की सुविधा के लिए किया जा रहा है लेकिन यदि बस कर्मचारी अपनी मनमर्जी से विद्यार्थियों को बीच रास्ते उतारेंगे तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है
छात्र नेता देशवाल ने कहा कि कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को पहले ही समय और परिवहन संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है ऐसे में बस कंडक्टर द्वारा बिना उचित कारण विद्यार्थियों को कॉलेज से 4 किलोमीटर दूर उतारना उनकी पढ़ाई और सुरक्षा दोनों के साथ खिलवाड़ है खासकर छात्राओं को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ना गंभीर विषय है
उन्होंने कहा कि इनसो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रोडवेज के जीएम (GM) से मुलाकात करेगी और पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाकर संबंधित बस कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई तथा विद्यार्थियों को कॉलेज तक नियमित बस सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग करेगी
छात्र नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा यदि भविष्य में इस प्रकार की मनमानी दोबारा सामने आती है तो इनसो विद्यार्थियों के साथ मिलकर जोरदार विरोध दर्ज करवाएगी।
इनसो की मांग है कि ई-बसों में कॉलेज विद्यार्थियों को निर्धारित रूट और स्टॉपेज के अनुसार पूरी सुविधा दी जाए तथा किसी भी कर्मचारी को अपनी मनमर्जी से विद्यार्थियों को रास्ते में उतारने की अनुमति न हो

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