आर्य कॉलेज मे आयोजित हुआ अंर्तमहाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन.
BOL PANIPAT – सोमवार 8 सितंबर, आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में हिन्दी विभाग के उपक्रम हिन्दी साहित्य परिषद द्वारा आयोजित अंर्तमहाविद्यालय स्तर पर हिन्दी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता, काव्य-पाठ प्रतियोगिता, निबंध-लेखन प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता निर्धारित की गई है। सोमवार को वाद-विवाद प्रतियोगिता में महाविद्यालय के सभी संकायों से विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। परिषद द्वारा आयोजित इन सभी प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य हिन्दी भाषा के प्रति चेतना को जागरूक करना है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए हिन्दी विभाग के सभी प्राध्यापकों को बधाई दी एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने अपने संबोधन में जानकारी देते हुए बताया कि 14 सितंबर को हर वर्ष हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिन्दी भाषा निरंतर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रगतिशील है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दी भाषा के प्रति विद्यार्थियों का चेतनशील होना उनके रचनात्मक कौशल को विकसित करता है । हिन्दी भाषा प्रोद्योगिकी क्षेत्रों मे दिन-प्रतिदिन विकसित हो रही है। वर्तमान का युग तकनीकी होने के कारण आज हिन्दी भाषा की अभिव्यक्ति का स्वरूप भी निरंतर विकासरत है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हिन्दी भाषा विश्व स्तर पर विकसित भाषा के रूप में आज दृश्यमान हो रही है। जानकारी देते हुए प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने बताया कि वाद-विवाद प्रतियोगिता में बीकॉम वोकैशनल तृतीय वर्ष की छात्रा सुषमा ने प्रथम स्थान, एम.ए. प्रथम वर्ष से खुशबू ने द्वितीय स्थान और जनसंचार विभाग की प्रथम वर्ष की छात्रा अंजली ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं जनसंचार विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र पुनीत किराडिया ने सांत्वना पुरस्कार हासिल किया ।
परिषद संयोजक एवं हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय ‘हिन्दी भाषा का भविष्य स्वर्णिम है’ रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष और विपक्ष में तर्क सहित अपने विचार प्रस्तुत किए। अधिकतर विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए और कहा कि वह दिन दूर नहीं जब हिन्दी भाषा विश्व स्तर पर प्रयोग की दृष्टि से प्रथम स्थान प्राप्त करेगी। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी और बताया कि हिन्दी दिवस पर सभी प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा ।
इस अवसर पर प्राध्यापिका डॉ. शालिनी, कविता मलिक, प्रो. गोपाल मलिक सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहें ।

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