Saturday, September 26, 2026
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दहेज प्रतिषेध अधिनियम पर महिला जांच अधिकारियों को दिया कानूनी प्रशिक्षण।

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 26, 2026 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 26 सितंबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), पानीपत की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव वर्षा शर्मा के दिशा-निर्देशों एवं सहयोग से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 पर विशेष कानूनी जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण के दिशा-निर्देशों में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के सभी थानों की महिला जांच अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता, डीएसपी विकास कुमार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता आशीष अग्रवाल,पैरा लीगल वॉलंटियर यशपाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता ने कहा कि दहेज प्रथा महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों के विरुद्ध एक सामाजिक बुराई है। दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कानून के प्रति जागरूकता और उसका पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दहेज की मांग एवं इससे जुड़े उत्पीड़न के मामलों में पीड़ित महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना तथा उन्हें उचित सहायता उपलब्ध करवाना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों की संवेदनशीलता और कानून के अनुरूप कार्रवाई पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाती है।
डीएसपी विकास कुमार ने महिला जांच अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से संबंधित शिकायतों, विशेषकर दहेज उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा के मामलों में निष्पक्षता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।
कार्यशाला के दौरान पैनल अधिवक्ता आशीष अग्रवाल ने महिला जांच अधिकारियों को दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के विभिन्न कानूनी प्रावधानों, शिकायतों की प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संकलन तथा पीड़ित महिलाओं के कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दहेज उत्पीड़न एवं दहेज से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस की त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील भूमिका पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण होती है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला जांच अधिकारियों को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना तथा दहेज संबंधी मामलों में प्रभावी, निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।

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