जनसमस्याओं के समाधान में तेजी लाएं अधिकारी, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें: एडीसी अंकित चौकसे
पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण ने कहा, समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी
BOL PANIPAT, 12 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल मार्गदर्शन तथा उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के नेतृत्व में सोमवार को जिला सचिवालय सभागार में आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 16 शिकायतें दर्ज की गईं। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. अंकित चौकसे ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने तथा आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. अंकित चौकसे ने कहा कि समाधान शिविर सरकार की उस प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिसके तहत आमजन की समस्याओं को सुनकर उनका प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को उसकी समस्या के समाधान का वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके तथ्यों की जांच करे और नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी या किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित विभाग शिकायतों पर की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि लोगों को अपनी जायज समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता से करें। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ कार्य करना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है।
पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण ने कहा कि समाधान शिविर में पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका निष्पक्षता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना चाहिए। आमजन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनना और उन्हें नियमानुसार उचित कार्रवाई का भरोसा देना पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सीईओ डॉ किरण और नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि अधिकारी प्रत्येक शिकायत की प्रकृति और तथ्यों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोगों का व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को उसकी समस्या के संबंध में की जा रही कार्रवाई की जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों और कर्मचारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाधान शिविर जैसे मंच प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को मजबूत बनाते हैं तथा लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करते हैं। समाधान शिविर में सीईओ जिला परिषद डॉ. किरण सिंह, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीएसपी विकास चहल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीएमसी अरुण भार्गव, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल, डिप्टी सीएमओ डॉ. दिव्या साहनी, डॉ. प्रज्ञा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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