आई.बी. (पी.जी.) महाविद्यालय, पानीपत में ओजोन परत दिवस मनाया गया
BOL PANIPAT : आई. बी. (पी.जी.) महाविद्यालय, पानीपत में ओजोन परत दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण अध्ययन विभाग, इको क्लब, रसायन विज्ञान विभाग एवं प्राणी विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ओजोन परत के संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा पृथ्वी पर जीवन की रक्षा के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलवाई गई। विद्यार्थियों ने ओजोन परत की सुरक्षा, प्रदूषण को कम करने तथा पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में पर्यावरण अध्ययन विभाग से प्रो. अंजली गुप्ता, प्राणी विज्ञान विभाग से प्रो. पवन कुमार, रसायन विज्ञान विभाग से डॉ. विक्रम कुमार तथा इको क्लब की संयोजक डॉ. अर्पणा गर्ग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. निधान सिंह, विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग; डॉ. सुनील शर्मा, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग; तथा डॉ. पूनम मदान, विभागाध्यक्ष, विपणन प्रबंधन विभाग शामिल रहे। निर्णायकों द्वारा विद्यार्थियों के पोस्टरों का मूल्यांकन किया गया।
पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का परिणाम
प्रथम स्थान – रोल नंबर 03 – अंजना
द्वितीय स्थान – रोल नंबर 06 – दीपक
तृतीय स्थान – रोल नंबर 04 – निकिता
चतुर्थ स्थान – रोल नंबर 07 – मोनिका
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में उपाचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक, लाइब्रेरियन डॉ. प्रवीण कुमार एवं अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टरों का अवलोकन किया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी रचनात्मक पहल की सराहना की।
इस अवसर पर प्रो. अंजली गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके संरक्षण की जिम्मेदारी केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों की पर्यावरण के प्रति जागरूकता और छोटी-छोटी सकारात्मक पहल भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को ओजोन परत के संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश देते हुए किया गया।

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