एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में लिटरेरी माइंड्स सोसाइटी के तत्वाधान में क्विज का सफल आयोजन
मानसी, प्रिया, सिमरन और नीतिका टीम ने बाजी मार पाया पहला स्थान और जीता 500 रुपये का नकद पुरस्कार
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में स्थापित अंग्रेजी विभाग की लिटरेरी माइंड्स सोसाइटी के तत्वाधान में अंग्रेजी साहित्य के एलीजाबिथन काल पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे मानसी, प्रिया, सिमरन और नीतिका (एमए एवं बीए-तृतीय) की टीम ने 6 राउंड्स में सर्वाधिक प्रश्नों के सही उत्तर देकर बाजी मारी और पहला स्थान हासिल कर 500 रूपये की नकद राशि प्राप्त की. राहुल, शिवानी, मुस्कान एवं प्रियांशु (बीए-द्वितीय) की टीम ने दूसरा और आशीष, संजीत, शशि और आजम की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर क्रमश: 300 और 200 रूपये का नकद इनाम पाया. क्विज प्रतियोगिता क्विज मास्टर प्रो सन्नी, प्रो डेनसन डी पॉल और प्रो मानवी की देख-रेख में संपन्न हुई. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी विजेताओं को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों का हौंसला बढाया.

क्विज प्रतियोगिता में कॉलेज के बीए अंग्रेजी ओनर्स, बीए और एमए अंग्रेजी के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया जिसमे वाणिज्य विषय पर विभिन्न प्रश्न पूछे गए. सबसे पहले 4 सदस्यों वाली 9 टीमों को चयनित किया गया. फिर 6 राउंड्स में सबसे अधिक सही उत्तर देने वाली शीर्ष 3 टीमों को विषय आधारित राउंड, रैपिड फायर राउंड, बजर राउंड और ऑडियो-विजुअल राउंड में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के आधार पर चुना गया. क्विज प्रतियोगिता के प्रिलिमिनरी राउंड में लगभग 100 प्रतिभागियों ने बड़ी ही रूचि के साथ हिस्सा लिया. क्विज प्रतियोगिता के सफल आयोजन में अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो नरेंद्र कौशिक, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ संतोष कुमारी, डॉ एस के वर्मा, डॉ मोनिका खुराना, प्रो सन्नी, प्रो डेनसन डी पॉल, प्रो मानवी, प्रो मणि, प्रो सुरभि और प्रो दीप्ति का भरपूर सहयोग रहा.

डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं के ज्ञान में वृद्धि होती है और उनमे आत्मविश्वास के भाव का संचार होता है. अंग्रेजी साहित्य के इतिहास पर तैयार की गयी इस क्विज का उद्देश्य सार्थक एवं प्रासंगिक ज्ञान व जानकारी को प्रश्नों के रूप में छात्र-छात्राओं तक पहुंचाना था ताकि प्रतियोगी छात्र इनके अभ्यास द्वारा परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्वरुप से परिचित हो सकें और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नेट की परीक्षा आदि में इनका भरपूर लाभ मिले. क्विज में भाग लेने से हमारी खुद की समझ भी व्यापक बनती है. उन्होनें कहा की क्विज़ एक प्रकार की दिमागी कसरत है जिसमें प्रतिभागी सवालों के सही उत्तर देने का प्रयास करते हुए अपने बौद्धिक विकास को सक्रीय करता है. क्विज़ एक प्रकार का संक्षिप्त मूल्यांकन भी हैं जिसका प्रयोग शिक्षा या इसी प्रकार के अन्य क्षेत्रों में ज्ञान, योग्यता और कौशल में वृद्धि को मापने के लिए किया जाता है.
प्रो नरेंद्र कौशिक ने कहा की क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पुरे जोश और जूनून के साथ हिस्सा लिया. क्विज की सफलता ने उन्हें भविष्य में भी ऐसे आयोजन करने को प्रौत्साहित किया है. फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट ने क्विज को और भी रोचक बना दिया और इसकी मदद से निर्णय करना भी सुविधाजनक हो पाता है. क्विज़ एक प्रकार का संक्षिप्त मूल्यांकन हैं जिसका प्रयोग शिक्षा या इसी प्रकार के अन्य क्षेत्रों में ज्ञान, योग्यता और कौशल में वृद्धि को मापने के लिए किया जाता है. क्विज़ छात्रों के मूल्यांकन के लिए भी एक सटीक माध्यम है. इसमें थोड़े एवं कम कठिनाई वाले सवाल होते हैं और एक परीक्षा की तुलना में इसे पूरा करने के लिए समय की भी कम आवश्यकता होती है.

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो नरेंद्र कौशिक, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ संतोष कुमारी, डॉ एस के वर्मा, डॉ मोनिका खुराना, प्रो सन्नी, प्रो डेनसन डी पॉल, प्रो मानवी, प्रो मणि, प्रो सुरभि और प्रो दीप्ति उपस्थित रहे.

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