Sunday, April 19, 2026
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पानीपत पुलिस ने प्रेम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में विद्यार्थियों व स्टाफ को साइबर अपराध की जानकारी देकर जागरूक किया

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at November 26, 2025 Tags: , , , , ,

-सोशल मीडिया पर अंजान लोगों के साथ दोस्ती करने से बचे; सब इंस्पेक्टर अजय

BOL PANIPAT , 26 नवंबर: पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के कुशल नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम पानीपत लगातार साइबर अपराधों के प्रति जन जागरण अभियान चलाए हुए हैं। इसी कड़ी में थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बुधवार को प्रेम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में विद्यार्थियों व स्टाफ को साइबर अपराध व इससे बचने के उपायों की विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया।

साइबर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। यूजर्स की लापरवाही, अनभिज्ञता और डर का फायदा उठाकर ठग उनकी जमा-पूंजी को निशाना बनाते हैं। आमजन जागरूक व सतर्क रहकर इनसे बचे।
उन्होंने साइबर अपराध बारे अवगत कराते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अंजान लोगों के साथ दोस्ती करने से बचे। अंजान व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया या साइट पर दी गई जानकारी को पूर्ण न समझे। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने से अपने मोबाइल पर एनीडेस्क, एम्मीडेस्क, टीम विवर, क्विक स्पोर्ट आदि ऐप डाउनलोड बिल्कुल ना करें। ओएलएक्स, फेसबुक या किसी भी अन्य ऐप पर कोई सामान खरीदने से पहले विक्रेता के संबंध में पूरी जांच करें।

किसी अनजान व्यक्ति द्वारा आपको भेजे गए कुछ रुपए प्राप्त करने संबंधी लिंक या क्यूआर कोड को अपने फोन से स्कैन न करें। किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि से संबंधित जानकारी साझा न करें। किसी डिजिटल वॉलेट या इंश्योरेंस सेवा आदि के कस्टमर केयर का नंबर गूगल से सर्च न करें। हमेशा उसे कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध कस्टमर केयर से सर्च करें। शातिर जालसाज गूगल पर अपना विवरण शीर्ष पर डालने में सफल हो जाते हैं। अनजान व्यक्ति साइट पर अपनी समस्याएं बताते हुए अपनी महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर बैठते हैं। जिसका बाद में दुरुपयोग हो जाता है। आपकी सावधानी ही आपको साइबर ठगी से बचाएगी।

यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है तो इसकी सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्प लाइन नम्बर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करे या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाये। इसके अलावा अगर किसी कारणवश 1930 नंबर नही मिलता है तो आमजन डायल 112 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है।

दोनों नंबर 24 गुना 7 कार्य करते हैं। आमजन जितनी जल्दी हो सके 1930 या 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाये। इसके अलावा साइबर अपराध थाना या नजदीक पुलिस स्टेशन में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। यदि तुरंत प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज करवा देते है तो पैसों का ट्रांजेक्शन फ्रिज हो जाता है, अपराधी उस पैसे को नही निकाल पाता। जिससे आपके पैसे वापिस आने की पूरी संभावना हो जाती है।

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