जन शिकायतों का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी जवाबदेही: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
जनता समाधान शिविर में 11 शिकायतों पर सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश
एडीसी अंकित चौकसे ने अधिकारियों को दिए निर्देश—शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की स्थिति से शिकायतकर्ता को भी कराएं अवगत
पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर तथ्यों की जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई: डीएसपी विकास चहल
BOL PANIPAT, 24 सितंबर। हरियाणा सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जनता समाधान शिविर का आयोजन वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में किया गया। शिविर में उपायुक्त डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ ने विभिन्न विभागों से संबंधित 11 शिकायतों की सुनवाई की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका नियमानुसार एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनता समाधान शिविर प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। जन शिकायतों का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों का दायित्व है कि वे शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके समाधान की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हुए शिकायतकर्ता को राहत दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जनता समाधान शिविर में आने वाली प्रत्येक शिकायत प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। अधिकारी शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें और जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत पर हुई कार्रवाई की स्थिति से भी अवगत कराया जाए।
एसडीएम मनदीप कुमार ने भी लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति की समस्या का समाधान पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करें तथा समाधान में अनावश्यक देरी न हो।
सीईओ डॉ. किरण और नगराधीश टीनू पोसवाल ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों को शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ उनके प्रभावी निपटारे तक निगरानी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने से आमजन का प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होता है।
डीएसपी विकास चहल ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग से जुड़ी प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संवाद बनाए रखने और मामलों में अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ डॉ. किरण, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीआरओ कण्व लाकड़ा, डीएसपी विकास चहल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शिकायतकर्ता मौजूद रहे।

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