घायलों के उपचार में देरी बर्दाश्त नहीं, दुर्घटना की जानकारी समय पर ई-डार पोर्टल पर दर्ज करें अस्पताल : सीएमओ डॉ. विजय मलिक
सड़क दुर्घटना में घायलों को मिलेगा कैशलेस और निःशुल्क उपचार, अस्पतालों को पीएम-राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
आयुष्मान भारत योजना में अनियमितताओं पर रहेगी कड़ी नजर, अस्पतालों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा, सभी अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली लागू करने पर जोर
BOL PANIPAT , 30 अक्टूबर। जिला मे आयुष्मान भारत, पीएम-राहत एवं स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सीएमओ कार्यालय में जिले के सभी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों एवं अन्य निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ शुक्रवार को दोपहर बाद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर कैशलेस उपचार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना तथा स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक ने की।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक ने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विशेषकर सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है। सभी सूचीबद्ध एवं निजी अस्पताल यह सुनिश्चित करें कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को पीएम-राहत योजना के अंतर्गत नियमानुसार कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार मिले। किसी भी पात्र मरीज को उपचार संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि अस्पताल सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें तथा स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता बनाए रखें।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को पीएम-राहत योजना के अंतर्गत नियमानुसार कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।
डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी ने अस्पतालों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना के मरीजों की दुर्घटना संबंधी जानकारी एवं दुर्घटना स्थल का विवरण ई-डार पोर्टल पर समय पर दर्ज करें, ताकि संबंधित पुलिस विभाग द्वारा समय रहते उसका सत्यापन एवं अनुमोदन किया जा सके।
योजना के नोडल अधिकारी डॉ. पवन ने सभी अस्पतालों को सड़क दुर्घटना पीड़ितों के उपचार तथा पीएम-राहत योजना के दिशा-निर्देशों और निर्धारित प्रक्रियाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पासी ने आयुष्मान भारत योजना की विभिन्न प्रक्रियाओं, पोर्टल संचालन, अस्पतालों की जिम्मेदारियों तथा योजना में संभावित धोखाधड़ी एवं अनियमित गतिविधियों की रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में डॉ. अमित पोरिया ने सभी अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (एचएफआर), स्वास्थ्यकर्मी रजिस्ट्री (एचपीआर) एवं आभा पहचान पत्र बनाने के संबंध में निर्देश दिए।
जिला सूचना प्रबंधक सोहन सिंह ग्रोवर ने अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) सॉफ्टवेयर स्थापित करवाने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय (एनएचसीएक्स) के अनुरूप एचएमआईएस सॉफ्टवेयर को उन्नत करवाने के संबंध में जानकारी एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया।
डॉ. लाभ सिंह बेनीवाल ने सभी अस्पतालों को एचआईवी-एड्स की रोकथाम तथा टीबी मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि वे सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पात्र मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाएं।
बैठक में डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पासी, सड़क दुर्घटना योजना के नोडल अधिकारी डॉ. पवन, डॉ. लाभ सिंह, डॉ. अमित पोरिया, जिला सूचना प्रबंधक सोहन सिंह ग्रोवर, अन्य उप सिविल सर्जन तथा निजी अस्पतालों के चिकित्सक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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