यौन उत्पीड़न वर्तमान समाज की गंभीर समस्या : डॉ. शशि प्रभा मलिक
BOL PANIPAT : आई.बी.(पी.जी.)महाविद्यालय पानीपत में यौन शोषण समिति (आंतरिक शिकायत समिति) के तत्वावधान में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया | डी. ए. वी. करनाल से सहायक प्रवक्ता (साइकोलॉजी विभाग) डॉ. पूनम पांचाल मुख्यावक्ता रही | कॉलेज प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक, उप्रचार्या डॉ. किरण मदान एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ. शर्मिला यादव द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया | प्राचार्य डॉ. शशि प्रभा मलिक ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जो हम अपनी बहन बेटियों के साथ होते नहीं देख सकते वह किसी की भी बहन बेटी के साथ नहीं होना चाहिए | यौन उत्पीड़न वर्तमान समाज की गंभीर समस्या है | राष्ट्रीय अपराध अभिलेखा ब्यूरो के अनुसार देश में प्रतिदिन 87 बलात्कार होते है | दिल्ली में इसकी औसत 5.6 है | हम अपनी बहन बेटियों की तरह ही दूसरों की बहन बेटियों को मान सम्मान की दृष्टि से ही देखना चाहिए इससे यौन उत्पीड़न कि समस्याओं को ख़त्म किया जा सकता है | यौन शोषण आंतकवाद में भी भयावह समस्या है | आंतकवाद में व्यक्ति उसी समय मृत्यु को प्राप्त हो जाता है पर इसमें यौन पीड़ित शोषित व्यक्ति तिल-तिल कर मरता है | आज की मुख्यावक्ता समाज सेविका डॉ. पूनम पांचाल ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के लिए दुनिया सरल नहीं है | यह उत्पीड़न अवैध एवं अवांछित व्यवहार है | यह मानवता के खिलाफ जधन्य अपराधो में से एक है | इस अपराध में किसी भी आयु के लोग अछूते नहीं है | कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शर्मिला यादव ने कहा कि समाज में जागरूकता लाना जरूरी है | सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण बहुत से लोग इस तरह के मामलों को उजागर नहीं करते है | इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु हमें इस तरह का व्याख्यान लाभान्वित करते है | कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. शर्मिला यादव ने किया | कमेटी के सदस्य डॉ. नेहा पुनिया, डॉ. अंजलि आर्या, संगीता, डॉ. नरवीर ने अहम् भूमिका निभाई | उपप्राचार्या डॉ. किरण मदान, डॉ. नीलम दहिया, डॉ. पूनम मदान, डॉ. अर्पणा गर्ग, डॉ. सीमा, डॉ. जोगेश, निशा एवं सुश्री मनीत कौर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा को चार चाँद लगाए |

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