विद्यार्थियों को करियर में आगे बढऩे के लिए सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
पानीपत के टेक्सटाइल हब को समझें विद्यार्थी, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग में तलाशें नए अवसर
टीबी व अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवा निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका
विद्यार्थियों ने उपायुक्त से लिया सफलता और करियर में आगे बढऩे का मूलमंत्र
BOL PANIPAT , 21 सितंबर। जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में सोमवार को आईआईएमटी रोहतक के विद्यार्थियों ने उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ से मुलाकात की। इस दौरान विद्यार्थियों ने उपायुक्त से करियर, जीवन में सफलता, पानीपत की औद्योगिक पहचान तथा स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया। उपायुक्त ने विद्यार्थियों की रुचियों और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें जीवन में आगे बढऩे के लिए सकारात्मक सोच, निरंतर प्रयास और अपने आसपास के अवसरों को पहचानने का संदेश दिया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विद्यार्थियों का परिचय लेते हुए उनकी रुचियों और भविष्य में वे क्या करना चाहते हैं, इस बारे में विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। विद्यार्थियों को आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा अच्छा सोचें और उस सोच को साकार करने के लिए पूरी लगन, मेहनत और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ें। परिस्थितियां कैसी भी हों, सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखें और अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाते रहें।
उपायुक्त ने कहा कि पानीपत देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर अपनी टेक्सटाइल और कपड़ा उद्योग की पहचान रखता है। विद्यार्थियों को पानीपत के औद्योगिक क्षेत्र को समझने तथा यहां मौजूद संभावनाओं का अध्ययन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को समझना और मार्केटिंग के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की पहचान करना युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आसपास के उद्योगों और संस्थानों की कार्यप्रणाली को भी समझें। उन्होंने पानीपत में मौजूद बड़े औद्योगिक संस्थानों की कार्यप्रणाली, बाजार की जरूरतों और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद को समझने पर भी जोर दिया।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों को करियर के संबंध में प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने विषय के साथ-साथ बाजार, तकनीक, प्रबंधन, संचार कौशल और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान देना चाहिए। जो युवा सीखने की इच्छा रखते हैं और नए अवसरों को पहचानकर उन पर काम करते हैं, वे अपने लिए बेहतर भविष्य की राह तैयार कर सकते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने कुष्ठ रोग तथा टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के संबंध में भी उपायुक्त से जानकारी प्राप्त की।
उपायुक्त ने बताया कि इन बीमारियों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जागरूकता और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी के मामले अधिक हैं और टीबी की समय पर पहचान तथा उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता गतिविधियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की भूमिका केवल अपने करियर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। लोगों को गंभीर बीमारियों के लक्षणों, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने में विद्यार्थी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उपायुक्त के साथ विभिन्न विषयों पर अपने सवाल और जिज्ञासाएं साझा कीं। उपायुक्त ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर डॉ. सुचित्रा, वरुण सहित विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थी मौजूद रहे।

Comments