Monday, June 15, 2026
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आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया.

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 26, 2026 Tags: , , , ,

-स्वदेशी सोच ही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला: प्रो. (डॉ.) गुप्ता 

-प्रो. (डॉ.) गुप्ता ने रक्तदान करने आए युवाओं का उत्साहवर्धन किया 

BOL PANIPAT : सोमवार 26 जनवरी 2026: आज आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में कॉलेज प्राचार्य ने ध्वजारोहण कर समस्त  आर्य कॉलेज परिवार को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।

कॉलेज प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष हम 77 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। गणतंत्र का अर्थ है देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति और केवल जनता को ही देश को सही दिशा में ले जाने के लिए अपने प्रतिनिधियों को राजनीतिक नेता के रूप में चुनने का अधिकार है। भारतीय संविधान की शक्तियों के कारण ही हम देश में अपने पसंद का प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं को चुन सकते हैं। हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में “पूर्ण स्वराज” के लिए 200 वर्षों से भी अधिक समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी आने वाली पीढ़ियां किसी की गुलाम बनकर न रहे और स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का निर्वहन कर सके।  

महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वदेशी अपनाने और विकसित भारत के सपने पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशी सोच ही राष्ट्र को प्रगति की दिशा में ले जाती है। विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि स्वदेशी उत्पादों को अपनाए और देशहित को प्राथमिकता दे, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। प्रो. डॉ. गुप्ता ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और स्वदेशी चेतना का विकास करें, ताकि युवा देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि हम सबको यह प्रतिज्ञा करनी होगी कि हमें भी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाना होगा। भारत देश को एक मजबूत राष्ट्र बनाएंगे। हम सब मिलकर सशक्त भारत का निर्माण करेंगे। सभी नागरिकों को संविधान के प्रति सजग करेंगे और सबको समान रूप से जीने का अवसर प्रदान करेंगे। हमें अपने सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता आदि के बारे में जागरूक होना चाहिए ताकि आगे बढ़ने के लिए उन्हें हल किया जा इस दिन हमें सुभाष चंद्र बोस, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे  कई महान नेताओं की दूरदर्शिता और योगदान को याद करना चाहिए आज हम 77 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं, जो 26 जनवरी, 1950 को हमारे संविधान को अपनाने का प्रतीक है। यह दिन इसलिए भी बहुत खास हो जाता है क्योंकि इस दिन ही हमने अंग्रेजों के नियम-कायदों से हटकर अपना अलग संविधान तैयार करने के बाद उसे लागू किया था।

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में हेल्पेज ऑरफंस संस्था द्वारा महाविद्यालय के परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन भी कराया गया। प्रो. (डॉ.) गुप्ता ने सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और कहा कि सभी को समय समय पर रक्तदान करते रहना चाहिए क्योंकि आपके रक्त से किसी को नया जीवन मिल सकता है। इस अवसर पर कॉलेज स्टॉफ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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