आंगनवाड़ी केंद्र पर आंगन मिलन उत्सव में गूंजा स्वस्थ बचपन और बेहतर मातृत्व का संदेश
BOL PANIPAT , 28 सितंबर। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव जलालपुर प्रथम स्थित आंगनवाड़ी केंद्र नंबर 15 एवं 16 में आंगन मिलन उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सिमरन के कुशल मार्गदर्शन तथा सीडीपीओ बापौली पुष्पा देवी के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम की समस्त गतिविधियां सुपरवाइजर शीला रानी की देखरेख में आयोजित हुईं। आंगन मिलन उत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं, माताओं, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, संतुलित खानपान, वृद्धि एवं विकास के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं एवं गतिविधियों से जोडऩा रहा। कार्यक्रम के दौरान जहां महिलाओं को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं, वहीं छोटे बच्चों के लिए खेल, मनोरंजन एवं अन्य गतिविधियां आयोजित कर उन्हें खुशी और सीखने का अवसर प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी वर्कर पूजा रानी ने उपस्थित महिलाओं एवं बच्चों को पोषण तथा स्वस्थ खानपान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की मजबूत नींव बचपन में ही तैयार होती है। इसलिए बच्चों के भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि बच्चों को उम्र के अनुसार संतुलित आहार उपलब्ध करवाना चाहिए और भोजन में विभिन्न आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए। बच्चों के भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ स्वच्छता का भी ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने माताओं से बच्चों की दैनिक खानपान की आदतों पर नजर रखने और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। कार्यक्रम में महिलाओं को यह भी समझाया गया कि केवल पेट भरना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के विकास के लिए ऐसा भोजन आवश्यक है, जिससे उन्हें शरीर की जरूरत के अनुसार पोषण मिल सके। बच्चों की नियमित दिनचर्या, खानपान और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। आंगन मिलन उत्सव के दौरान बच्चों की वृद्धि एवं विकास को लेकर विशेष चर्चा की गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने माताओं को बच्चों के विकास के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक किया।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि बच्चे के विकास में केवल उसका वजन और लंबाई ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी सीखने की क्षमता, बोलचाल, व्यवहार, सामाजिक मेलजोल, खेलकूद और मानसिक गतिविधियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। माताओं को बच्चों के व्यवहार और गतिविधियों पर ध्यान देने तथा उनके विकास में किसी प्रकार की कमी दिखाई देने पर समय रहते संबंधित विभाग या स्वास्थ्य कर्मियों से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। माताओं को यह भी बताया गया कि बच्चों को घर में सकारात्मक और खुशहाल वातावरण देने से उनके मानसिक एवं सामाजिक विकास में मदद मिलती है। बच्चों के साथ बातचीत करना, उनके सवालों का जवाब देना और उन्हें खेल-खेल में नई चीजें सिखाना उनके सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी है। कार्यक्रम के दौरान छोटे बच्चों के लिए खेल एवं मनोरंजन गतिविधियां करवाई गईं। बच्चों ने इन गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। खेलों के दौरान बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ आपसी मेलजोल, सक्रियता और सीखने का अवसर मिला। आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की चहल-पहल और हंसी से वातावरण खुशनुमा हो गया। बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार गतिविधियों में शामिल किया गया, जिससे वे बिना किसी दबाव के खेलते हुए सीख सकें।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खेलों के माध्यम से उनमें शारीरिक सक्रियता, आत्मविश्वास, सामाजिक व्यवहार और सीखने की क्षमता का विकास भी होता है। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। आंगनवाड़ी वर्कर कविता ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अपने खानपान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिला का स्वास्थ्य गर्भस्थ शिशु के विकास से भी जुड़ा होता है, इसलिए इस अवस्था में संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, पर्याप्त आराम तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेना महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करने के लिए भी जागरूक किया। साथ ही महिलाओं को उपलब्ध विभागीय एवं स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
सेल्फी प्वाइंट बना बच्चों और माताओं के आकर्षण का केंद्र
आंगन मिलन उत्सव के दौरान बच्चों और उनकी माताओं के लिए बनाया गया विशेष सेल्फी प्वाइंट कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। छोटे बच्चों की माताओं ने अपने बच्चों के साथ सेल्फी लेकर कार्यक्रम की यादों को कैमरे में कैद किया। सेल्फी प्वाइंट पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चे अपनी माताओं के साथ फोटो खिंचवाते हुए काफी खुश नजर आए। कई माताओं ने अपने बच्चों के साथ अलग-अलग अंदाज में फोटो खिंचवाई। आयोजकों का कहना रहा कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों और उनके अभिभावकों को कार्यक्रम से जोडऩे के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में सकारात्मक और खुशनुमा वातावरण बनाने में भी मदद मिलती है।
माताओं की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि बच्चों के पोषण और विकास में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसमें माताओं की जिम्मेदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। माताओं को बच्चों के भोजन, साफ-सफाई, खेलकूद, व्यवहार और नियमित विकास पर ध्यान देने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें बच्चों की छोटी-छोटी गतिविधियों को समझने और उनके साथ समय बिताने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना तथा बच्चों से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
आंगनवाड़ी केंद्रों की सेवाओं के बारे में दी जानकारी
आंगन मिलन उत्सव के दौरान महिलाओं को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित विभिन्न गतिविधियों और सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों, माताओं और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी जागरूकता एवं पोषण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महिलाओं को बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित किसी भी समस्या को लेकर जागरूक रहने तथा आवश्यकता पडऩे पर संबंधित विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जागरूकता का प्रयास
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विभागीय सेवाओं और जागरूकता गतिविधियों को अधिक प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाना है। आंगन मिलन उत्सव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को एक साथ जोडक़र पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़े विषयों पर जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को अपनी समस्याओं और बच्चों से जुड़े विषयों पर कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने का अवसर भी मिलता है। वहीं बच्चों को खेल और मनोरंजन के माध्यम से सीखने का वातावरण उपलब्ध करवाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से आयोजन सफल रहा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सभी महिलाओं एवं बच्चों का कार्यक्रम में पहुंचने और सक्रिय भागीदारी करने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आंगनवाड़ी वर्कर पूजा रानी, आंगनवाड़ी वर्कर कविता, आंगनवाड़ी हेल्पर रानी देवी एवं मीनू कुमारी सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम की गतिविधियों को सफल बनाने में सहयोग किया।

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