प्रभावी समाधान व्यवस्था है जनता समाधान शिविर: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
जनता समाधान शिविर में 10 शिकायतों पर संज्ञान, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त बोले- हर शिकायत का समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
एडीसी ने कहा- शिकायतों के निपटारे में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं
पुलिस संबंधी शिकायतों पर डीएसपी सिटी ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
BOL PANIPAT, 17 सितंबर। हरियाणा सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जनता समाधान शिविर के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लोग सुबह ही जिला सचिवालय स्थित शिविर में पहुंचना शुरू कर देते हैं। सोमवार और वीरवार को आयोजित होने वाले इस शिविर में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।
वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में आयोजित जनता समाधान शिविर में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने लोगों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 10 शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनता समाधान शिविर केवल शिकायतें सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं का मौके पर संज्ञान लेकर उनके प्रभावी समाधान की व्यवस्था है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसकी जांच और कार्रवाई समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शिकायतों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि शिकायतों का समाधान सुनिश्चित कर लोगों का विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि जनता समाधान शिविर में आने वाली प्रत्येक शिकायत प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को चाहिए कि वे शिकायतकर्ता की बात को ध्यानपूर्वक सुनें और नियमों के दायरे में रहते हुए उसके समाधान की दिशा में तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और पारदर्शी समाधान ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। किसी शिकायत को एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजकर जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी शिकायत की जिम्मेदारी लेकर उसके निस्तारण तक प्रभावी निगरानी रखें।
डीएसपी सिटी मुकेश जाखड़ ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि आमजन की सुरक्षा और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान पुलिस विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस से संबंधित प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा तथा तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता की बात ध्यानपूर्वक सुनकर नियमानुसार कार्रवाई करें और शिकायतों के निपटारे में अनावश्यक देरी न हो।
शिविर में अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया कि विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार, नगराधीश टीनू पोसवाल, डीडीपीओ राजेश शर्मा, एलडीएम जितेंद्र, डॉ. प्रज्ञा, डीएचओ संदीप, आरटीए डॉ. जिंदल, पुलिस कंप्लेंट अधिकारी सुरेश, संजीव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और शिकायतकर्ता मौजूद रहे।

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