Wednesday, October 28, 2026
Newspaper and Magzine


“अबकी बार 10000 पार: डीईओ राकेश बूरा के दौरे से दाखिला अभियान में नई ऊर्जा, गांव-गांव गूंजे शिक्षा के नारे

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at April 4, 2026 Tags: , , , ,

सुपर-100, मिशन भारत और नवाचारों के साथ सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ा विश्वास | हर शिक्षक बना एडमिशन दूत

BOL PANIPAT : 4 अप्रैल–दाखिला अभियान 2026 को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने आज जिला कोऑर्डिनेटर संदीप रत्तेवाल के साथ जिले के कई विद्यालयों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डाहर, प्राइमरी मॉडल संस्कृति स्कूल डाहर, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नौल्था, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांडी और राजकीय हाई स्कूल बलाना में पहुंचकर व्यवस्थाओं, शिक्षण गुणवत्ता और नामांकन की स्थिति का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण नहीं, बल्कि मिशन मोड में अभियान:

विद्यालयों में पहुंचते ही डीईओ राकेश बूरा ने स्पष्ट कर दिया कि यह केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि “मिशन एडमिशन” की जमीनी शुरुआत है। उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर घर-घर संपर्क अभियान चलाएं और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने का संकल्प लें।

गांव-गांव बनेगा एजुकेशन टेंप्लेट:

उन्होंने कहा कि हर स्कूल एक प्रभावी टेंप्लेट/प्रेजेंटेशन तैयार करे, जिसमें विद्यालय की उपलब्धियां, सुविधाएं और विद्यार्थियों की सफलता की कहानियां शामिल हों। इस टेंप्लेट के माध्यम से अभिभावकों को यह बताया जाए कि सरकारी विद्यालय आज हर दृष्टि से मजबूत और भरोसेमंद हैं।

नवाचारों और योजनाओं की दी जानकारी:

राकेश बूरा ने शिक्षकों और अभिभावकों को विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और योजनाओं से अवगत कराया, जिनमें—
सुपर-100 कार्यक्रम के माध्यम से मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
मिशन भारत के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना
विषय आधारित विशेष पीरियड्स (जैसे मैथ्स) के जरिए कमजोर छात्रों को सशक्त बनाना
जैसी पहलें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
नारों से गूंजे स्कूल परिसर:

दौरे के दौरान डीईओ ने पुराने जोशीले नारों को फिर से जीवंत किया—

“अब की बार 10000 पार”
“मेरा विद्यार्थी मेरी विरासत”
“मेरा अध्यापक मेरा गौरव”
“मेरा विद्यालय मेरी विरासत”
इन नारों ने न केवल शिक्षकों में उत्साह भरा, बल्कि विद्यार्थियों में भी गर्व और जुड़ाव की भावना को मजबूत किया।

हर शिक्षक की जिम्मेदारी तय:

जिला कोऑर्डिनेटर संदीप रत्तेवाल ने भी कहा कि इस बार दाखिला अभियान को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाने के लिए हर शिक्षक को व्यक्तिगत लक्ष्य दिया जाएगा। टीम वर्क और नवाचार से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सरकारी स्कूल—बेहतर विकल्प:

डीईओ ने कहा कि आज सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं, अनुभवी शिक्षक और समग्र विकास के अवसर उपलब्ध हैं। जरूरत है तो बस इन खूबियों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की।

निष्कर्ष:

डीईओ राकेश बूरा के इस सघन दौरे और स्पष्ट रणनीति ने यह साफ कर दिया है कि इस बार पानीपत में दाखिला अभियान केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति विश्वास और जागरूकता का व्यापक अभियान बनने जा रहा है।

Comments