Friday, March 13, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के यूथ रेड क्रॉस क्लब ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस को जागरूकता भाव से मनाया

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at March 16, 2022 Tags: , , , ,

इंडियन रेड क्रॉस के कार्यों से प्रभावित होकर प्राचार्य और नोडल अधिकारी ने ली इसकी आजीवन सदस्यता

वैक्सीन दुनिया भर में जानलेवा बीमारियों से लड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार है: डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के यूथ रेड क्रॉस क्लब के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस को उत्साहपूर्ण तरीके से मनाया और समाज के अधिक से अधिक  लोगों को वैक्सीन लगवाने के प्रति जागरूक किया और उन के मन के डर को दूर किया. इंडियन रेड क्रॉस के कार्यों से प्रभावित होकर प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और नोडल अधिकारी डॉ राकेश गर्ग ने इंडियन रेड क्रॉस की आजीवन सदस्यता भी आज ग्रहण की. कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और यूथ रेड क्रॉस क्लब के नोडल अधिकारी डॉ राकेश गर्ग ने किया. इस अवसर पर विद्यार्थियों ने वैक्सीन लगवाने के फायदों और इससे जुडी भ्रांतियों पर भी विस्तार से चर्चा की. वर्ष 2022 के राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस का थीम ‘वैक्सीन वर्कस फॉर ऑल’ है जो इस बात पर रोशनी डालती है कि कैसे टीके सभी के लिए काम करते हैं और दुनिया भर में लोगों की जान बचाते हैं. आज के शुभ अवसर पर कॉलेज में पौधारोपण भी किया गया जिसमे छात्र-छात्राओं के साथ डॉ प्रवीन कत्याल, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ संतोष कुमारी, डॉ संगीता गुप्ता, शशी मोहन गुप्ता, प्रो मनोज कुमार आदि ने भी हिस्सा लिया.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की वैक्सीन दुनिया भर में जानलेवा बीमारियों से लड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार है. वैक्सीनेशन को आम बोलचाल की भाषा में टीकाकरण कहा जाता है और यह संक्रामक रोग से बचाने के लिए प्रतिरक्षा तंत्र को कृत्रिम रूप से सक्रीय करने का एक तरीका है. वैक्सीन मानव शरीर के लिए एक जरूरी तत्व है और यह कई रोगों से बचाने में इंसान के शरीर की मदद करता है. यही कारण है कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद से ही उसे वैक्सीन लगनी शुरू हो जाती है और इसकी कीमत हमें कोरोना महामारी के दौरान ज्यादा अच्छे से समझ आयी है. देश में अब भी बड़ी मात्रा में वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है और वैक्सीन के महत्व को दर्शाने के लिए ही 16 मार्च को नेशनल वैक्सीनेशन डे मनाया जाता है. पल्स पोलियो कार्यक्रम की सफलता के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को ‘पोलियो मुक्त देश’ घोषित किया था. इसके बाद तो भारत ने टीबी, टिटनेस और अब कोरोना जैसी बहुत गंभीर बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है. वैक्सीन हर साल लाखों लोगों की जान बचाती है और चूंकि कोविड महामारी पूरी दुनिया में व्याप्त है इसलिए भारत सरकार भारत के प्रत्येक नागरिक को टीका लगाने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है.

डॉ राकेश गर्ग नोडल अधिकारी यूथ रेड क्रॉस क्लब ने टीका लगवाए हुए छात्र-छात्राओं को शाबाशी देते हुए कहा की कोविड की वैक्सीन लगने के बाद विद्यार्थी स्वयं को सुरक्षित महसूस करते है और इस बीमारी को अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों, सम्बन्धियों और सहकर्मियों सहित करीबी संपर्क वाले लोगों में फैलने से रोकने में सक्षम बन जाते है. वैक्सीन हमारे शरीर को कोरोना बीमारी के संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करती है. वैक्सीन में मौजूद वायरस के निष्क्रिय अंश हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण करने वाले कोरोना वायरस की पहचान करने के लिए प्रेरित करते हैं और उनके ख़िलाफ़ शरीर में एंटी-बॉडीज बनाते हैं. ये एंटी-बॉडीज बाहरी हमले से लड़ने में हमारे शरीर की मदद करती हैं. वैक्सीन लगवाने का कोई भी नकारात्मक असर नहीं होता है हालांकि वैक्सीन के बाद कुछ लोगों को हल्के लक्षण हो सकते है परन्तु यह चिंता की बात नहीं है. असल में यह वैक्सीन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया होती है. कुछ लोगों को वैक्सीन लेने के बाद बांह में दर्द, सरदर्द, बुख़ार, ठंड लगना एवं थकावट हो सकती है परन्तु ये सामान्य बातें है और इनसे हमें बिलकुल भी घबराना नहीं चाहिए कोरोना का कुचक्र तोड़ने का सबसे सटीक उपाय वैक्सीन ही है. विद्यार्थियों को चाहिए की वे अपने परिवार और अन्य लोगों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करे और उनकी भ्रांतियों को दूर करे. जैसे भारत ने पोलियो को हराया वैसे ही हम कोरोना को भी हराएंगे.

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