एआइ की मदद से हम 2047 तक विकसित राष्ट्र होंगे : डॉ.रवींद्र सोनी
-पाइट में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस संपन्न, एआइसीटीई के एडवाइजर ने किया प्रेरित
BOL PANIPAT : समालखा – ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (एआइसीटीई) में एडवाइजर डॉ.रवींद्र कुमार सोनी ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की रिसर्च में 2015 में भारत का 81वां स्थान था। लेकिन भारतीयों ने अपने हुनर से लंबी छलांग लगाते हुए 40वां स्थान हासिल कर लिया है। विकसित भारत के लक्ष्य को हम 2047 से पहले ही हासिल कर सकते हैं।

.रवींद्र सोनी यहां पाइट कॉलेज में एआइसीटीई की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति की मदद से इंजीनियरिंग के साथ-साथ अलग विषय भी ले सकते हैं। इससे आप दबाव में नहीं रहेंगे। शिक्षा नीति से भारत का विकास तेजी से होगी। एनआइटी कुरुक्षेत्र से ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि एक साल के अंदर भारत में एआइ पर एक लाख पब्लिकेशन हुए हैं। भारत में भी ऐसे एआइ टूल बन सकते हैं जो नई राह दिखाएंगे। आने वाली पीढ़ी हमें प्रकाश दिखाने का काम करेगी।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से विशेष अतिथि राकेश कुमार ने कहा कि अगर आपकी लर्निंग अच्छी है तो मशीन की लर्निंग अच्छी होगी। आप ज्यादा पढ़ें, रिसर्च करें तो बेहतर परिणाम सामने आएंगे। कनाडा के एलबर्टा से प्रोफेसर रंगाराज ने ऑनलाइन शामिल होकर हेल्थ केयर पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मेडिकल के क्षेत्र में बेहद तरक्की होगी। मशीन लर्निंग की मदद से बीमारियों को एडवांस में पता कर लिया जाएगा। कंप्यूटेशनल इंटेलीजेंस एवं मैथेमेटिकल एप्लीकेशंस पर हुई इस कॉन्फ्रेंस में शोध प्रस्तुत किए। बेस्ट पेपर को सर्टिपिफकेट देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पाइट के वाइस चेयरमैन राकेश तायल, बोर्ड सदस्य शुभम तायल, निदेशक डॉ.जेएस सैनी, डीन डॉ.बीबी शर्मा, बीटेक आर्टिफिशल इंटेलीजेंस के विभाग अध्यक्ष डॉ.देवेंद्र प्रसाद, आरएंडडी विभाग की अध्यक्ष डॉ.अंजू गांधी एवं सीएसई विभाग के अध्यक्ष डॉ.एससी गुप्ता भी मौजूद रहे।

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