एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रमों का तत्वपूर्ण आयोजन
विज्ञान प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
पहले दो दिन कॉलेज रेड रिबन क्लब द्वारा पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताओ का हुआ आयोजन
विज्ञान का अध्ययन अंधविश्वास के विरुद्ध जन जागृति में बहुत कारगर हैं: दिनेश गोयल
BOL PANIPAT , 27 फरवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रमों के पहले दो दिन कॉलेज रेड रिबन क्लब द्वारा पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया जिसमे विभिन्न कालेजों के विज्ञान संकाय के लगभग 60 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया । प्रदर्शनी का उदघाटन मुख्य अतिथि संजय धत्रेवाल जॉइंट-कमिशनर नगर निगम पानीपत ने की और उन्होनें विज्ञान प्रदर्शनी में रखे गए लगभग 25 मॉडल्स को भी देखा जो दूसरे दिन आकर्षण का केंद्र रहे । माननीय मेहमान का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया । इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ प्रियंका चांदना, प्रो प्रवीण कुमारी, डॉ रवि रघुवंशी, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ रेखा रानी और डॉ राहुल जैन आदि उपस्थित रहे । विदित रहे कि सर सीवी रमन ने रमन इफ़ेक्ट की खोज की थी जिसका सम्बन्ध फोटोन कणों के लचीले वितरण से है । स्टिल की स्पेक्ट्रम प्रकृति, स्टिलडाइनेमिक्स के बुनियादी मुद्दे, हीरे की संरचना और गुणों एवं अनेक रंगदीप्त पदार्थो के प्रकाशीय आचरण पर नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन द्वारा किया शोध आज भी मूल्यवान है और उनके सम्मान में ही कॉलेज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस को प्रत्येक वर्ष से मनाता आ रहा है । तीन दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी में ‘विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत की उत्प्रेरक’, ‘चंद्रयान से गगनयान तक भारतीय स्पेस मिशन’, ‘आपदा में विज्ञान का प्रभाव: कोविड-19 से मिली सिख’, ‘विज्ञान का भविष्य: एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग’, ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी तकनीकें’ विषयों पर पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया ।
विज्ञान प्रदर्शनी में ‘मोलिकुलर मैकेनिज्म आयल बायो-डीग्रेडेशन’, ‘प्लास्टिक वेस्ट रीसाईकल’, ‘चंद्रयान-3’, ‘प्रज्ञान रोवर’, ‘स्पीड डिटेक्टर मशीन’, ‘कचरा प्रबंधन का भविष्य’, ‘ऑटो डाउन लोड सेंस फेन’, ‘न्यूरोन’, ‘बायो-बिल्डिंग’, ‘नुकलिअर पॉवर प्लांट’, ‘प्रोडक्शन ऑफ़ मोनोक्लोनल एंटी-बॉडीज बाय हाइब्रिडोमा तकनीक, ‘बायो-डाइवर्सिटी इन द लिविंग वर्ल्ड’, ‘फोसिलाईजेशन’, कार्बन प्यूरीफिकेशन फॉर फेकट्रीज’ आदि विषयों पर क्रियाशील मॉडल्स और बेहद आकर्षक मॉडल्स पेश किये गए । विद्यार्थियों ने कंप्यूटर, गणित, भौतिकी, रसायन, वनस्पति और प्राणी शास्त्र के विषयों पर मॉडल्स बनाए ।
संजय धत्रेवाल जॉइंट-कमिशनर नगर निगम पानीपत ने कहा कि क्रियाशील विज्ञान मॉडल बनाना छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मकता और जटिल अवधारणाओं की गहरी समझ विकसित करता है । यह सिद्धांत को वास्तविक अनुप्रयोगों से जोड़ता है, समस्या-समाधान कौशल बढ़ाता है, वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करता है और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सीखने को मजेदार और स्थायी बनाता है ।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में कालेज के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमे एसडी पीजी कॉलेज के अन्नू और गरिमा ने प्रथम स्थान हासिल किया । छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के आधुनिक विषयों पर अनेक सुन्दर पोस्टर बनाये जिनमे से सर्वोत्तम का चयन करना जूरी प्रो परमीत और प्रो तन्नु मेहता के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य रहा । डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ रेखा रानी और रिया ने भाषण प्रतियोगिता में जूरी की भूमिका निभाई ।
कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं के ज्ञान में वृद्धि होगी और उनमें आत्मविश्वास के भाव का संचार होगा है । वर्तमान में विज्ञान में रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद है । विद्यार्थीयों को चाहिए कि वे विज्ञान को अपने जीवन में उतारे और स्थानीय समस्याओं का हल अपनी शिक्षा के माध्यम से निकाले । ऐसा करने से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढेगा बल्कि वे समाज और देश की भी मदद कर पायेंगे ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि भारत के अशिक्षित लोगों में अंधविश्वास की जड़ें गहरी बैठी हुई है और विज्ञान एवं उसकी प्रणालियों का अध्ययन अंधविश्वासों के विरुद्ध संग्राम में उपयोगी सिद्ध हो सकता हैं । विज्ञान का अध्ययन करने वाला व्यक्ति अविवेकपूर्ण बातों पर विश्वास नहीं करता है । शिक्षा और वैज्ञानिक ज्ञान का प्रसार अंधविश्वासों से छुटकारा दिलाने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसीलिए इस प्रकार के आयोजन कॉलेज में किये जाते है ।
प्रो मयंक अरोड़ा ने सर सीवी रमन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही पहली बार तबले और मृदंगम के संनादी (हार्मोनिक) की प्रकृति की खोज की थी । रमन जैसा वैज्ञानिक आज भी हम सभी के लिए आदर्श है और उनकी कड़ी मेहनत तथा वैज्ञानिक सोच का कोई विकल्प नहीं है और यदि ऐसी सोच हम खुद में विकसित कर ले तो बुलंदियां हमारे कदम चूमेंगी । वैज्ञानिक सोच के बढ़ने से ही हम एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तथा वैज्ञानिक बन सकते है ।
विज्ञान प्रदर्शनी के परिणाम-
प्रथम परमिंदर सिंह बीसीए- तृतीय कंप्यूटर का मॉडल
द्वितीय सिया, दीपक, हिमांशु, विनीत बीएससी- प्रथम मेडिकल
तृतीय गायित्री, मुस्कान, शिवानी, निधि, दीप्ती, सारिका एमएससी रसायन प्लास्टिक रीसाइक्लिंग ऋतु, दुर्गा, दृष्टि एमएससी भौतिकी
सांत्वना किरण, शिवानी, नैंसी, मनीषा, प्रिया एमएससी-गणित फिबोनिक्स सीरीज
पोस्टर मेकिंग (छात्र वर्ग) प्रतियोगिता के परिणाम-
प्रथम अन्नू बीए- तृतीय
द्वितीय मोहित तिवारी बीए- तृतीय
तृतीय रोहित बीए- द्वितीय
सांत्वना हर्ष बीए- तृतीय
पोस्टर मेकिंग (छात्रा वर्ग) प्रतियोगिता के परिणाम-
प्रथम गरिमा बीएससी- प्रथम
द्वितीय इशिता सैनी एमएससी रसायन- प्रीवियस
तृतीय मानसा बीएससी- प्रथम
सांत्वना याशिका बीएससी– प्रथम
भाषण प्रतियोगिता के परिणाम-
प्रथम अंकित बीएससी- प्रथम
दीपिका एमएससी रसायन- प्रीवियस
द्वितीय हैप्पी एमबीए- द्वितीय पाईट समालखा
तृतीय राहुल बीएससी– तृतीय
सांत्वना सिया बीएससी- प्रथम
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में प्रो प्रवीण आर खेरडे, डॉ मुकेश पुनिया, प्रो प्रवीण कुमारी, डॉ प्रियंका चांदना, डॉ रेखा रानी, डॉ राहुल जैन, डॉ रवि रघुवंशी, डॉ रेनू गुप्ता, डॉ बिंदु रानी, डॉ प्रोमिला, प्रो कीर्ति, दीपक मित्तल आदि उपस्थित रहे ।

Comments