जिले में 2,025 परिवार उठा रहे लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का लाभ: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
केवल बेटियों वाले परिवारों के लिए सहारा बनी लाडली पेंशन, अब मिल रहे 3,200 रुपए मासिक दो लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवार ले सकते हैं योजना का लाभ
45 वर्ष की आयु पूरी होने पर शुरू होता है भत्ता माता के खाते में प्राथमिकता से भेजी जाती है राशि
BOL PANIPAT , 13 सितंबर। हरियाणा सरकार की लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना केवल बेटियों वाले परिवारों के लिए आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने और माता-पिता को आर्थिक सहारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अब 3,200 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जा रही है। उपायुक्त डॉ हरीश ने बताया कि जिले में वर्तमान में 2,025 लाभार्थी परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। उपायुक्त ने बताया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब पात्र परिवारों तक उनका लाभ समय पर पहुंचे। उपायुक्त ने बताया कि केवल बेटियों वाले ऐसे परिवार, जो योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं, वे बिना किसी झिझक के आवेदन करें और सरकार की इस सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ उठाएं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि पात्र लोगों को योजना की जानकारी देकर आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उपायुक्त डॉ हरीश ने बताया कि बेटियां परिवार और समाज की ताकत हैं। सरकार द्वारा ऐसी योजनाओं के माध्यम से बेटियों वाले परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत किया जा रहा है। पात्र परिवार अपनी फैमिली आईडी में दर्ज विवरण को सही रखें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त करें। उपायुक्त डॉ हरीश ने बताया कि योजना के तहत ऐसे पति-पत्नी पात्र हैं, जिनका कोई बेटा नहीं है। इसमें सगा या गोद लिया हुआ बेटा भी शामिल है। परिवार में केवल लड़की या लड़कियां होने की स्थिति में तथा अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करने पर माता-पिता योजना का लाभ ले सकते हैं। परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय दो लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ने बताया कि योजना का लाभ उस समय शुरू होता है, जब माता या पिता में से किसी एक की आयु 45 वर्ष या उससे अधिक हो जाती है। योजना के तहत मिलने वाली 3,200 रुपए की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। इसमें प्राथमिकता परिवार की महिला यानी माता के बैंक खाते को दी जाती है। माता के जीवित न होने की स्थिति में यह लाभ पिता को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का लाभ 60 वर्ष की आयु तक दिया जाता है। लाभार्थी के 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर विभाग द्वारा सरल पोर्टल के माध्यम से इस पेंशन को स्वतः वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में परिवर्तित कर दिया जाता है। इससे लाभार्थी को अलग से वृद्धावस्था भत्ते के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं रहती। ग़ौरतलब है कि लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवारों को अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। पात्र व्यक्ति नजदीकी जनसेवा केंद्र या अंत्योदय सरल केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान फैमिली आईडी, बैंक खाते, आय प्रमाण पत्र और आयु से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं।जिला प्रशासन ने जिले के ऐसे सभी परिवारों से अपील की है, जिनमें केवल बेटियां हैं और वे योजना की पात्रता पूरी करते हैं, वे समय रहते आवेदन करें। साथ ही अपनी फैमिली आईडी में दर्ज पारिवारिक एवं अन्य आवश्यक विवरणों की जांच कर उन्हें सही रखना सुनिश्चित करें, ताकि योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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