Wednesday, July 1, 2026
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13 अमृत सरोवरों का आज होगा लोकार्पण, 439.49 लाख रुपये की लागत से बदली गांवों की तस्वीर

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at June 30, 2026 Tags: , , , , ,

जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास को मिलेगा नया आयाम: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

बापौली से सनीली कला तक विकसित हुए अमृत सरोवर, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का होगा लाइव प्रसारण

जिला प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी, जल संरक्षण को जनभागीदारी का उत्सव बनाने की अपील कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा होंगे मुख्य अतिथि

BOL PANIPAT, 30 जून। जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज पानीपत जिले के 13 अमृत सरोवरों का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। इन सरोवरों के पुनर्जीवन, सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर कुल 439.49 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। जिले के विभिन्न विकास खंडों एवं गांवों में विकसित किए गए ये अमृत सरोवर वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में सुधार, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री हरियाणा द्वारा अंबाला के नारायणगढ़ से आयोजित राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण (लाइव वेबकास्ट) जिला मुख्यालय सहित सभी संबंधित कार्यक्रम स्थलों पर किया जाएगा।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि राज्य सरकार के जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में स्थित 13 अमृत सरोवरों का व्यापक कायाकल्प किया गया है। इन सरोवरों के पुनर्जीवन पर 439.49 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा हरित विकास को नई दिशा मिलेगी। इस उपलक्ष्य में बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि इन अमृत सरोवरों पर दूषित पानी निकालने, गाद की सफाई, तटबंधों को मजबूत करने, पैदल पथ बनाने, सोलर लाइटें लगाने, वृक्षारोपण तथा बैठने के लिए आरसीसी बेंच स्थापित करने जैसे अनेक विकास कार्य किए गए हैं। इन कार्यों से सरोवर अब केवल जल संरक्षण के केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि ग्रामीणों के लिए आकर्षण, सामाजिक गतिविधियों और सामुदायिक सहभागिता के प्रमुख स्थल भी बनेंगे।

उपायुक्त ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र समालखा के विकास खंड बापौली में गांव बापौली का टांकू वाला तालाब 31.63 लाख रुपये, गांव जलपड़ का सपेरा बस्ती वाला जोहड़ 4.09 लाख रुपये तथा गांव मटशौली का झीवरों वाला जोहड़ 21.97 लाख रुपये की लागत से विकसित किया गया है। विधानसभा क्षेत्र इसराना के विकास खंड मतलौडा में गांव नौहरा  वाला तालाब 35.08 लाख रुपये की लागत से विकसित किया गया है। विधानसभा क्षेत्र पानीपत ग्रामीण के विकास खंड पानीपत में गांव बराना का सांझी वाला तालाब 55.62 लाख रुपये की लागत से पुनर्जीवित किया गया है।

इसी प्रकार विधानसभा क्षेत्र समालखा के विकास खंड समालखा में गांव बिहोली का शमशान घाट वाला तालाब 18.42 लाख रुपये, गांव गढ़ी छज्जू का तालाब 27.19 लाख रुपये, गांव हथवाला का मलटोडा वाला तालाब 25.92 लाख रुपये, गांव पट्टी कल्याणा का श्मशान वाला तालाब 32.82 लाख रुपये, गुंसाई वाला तालाब 49.56 लाख रुपये तथा गांव वाला तालाब 56.77 लाख रुपये की लागत से विकसित किया गया है। इसी प्रकार विकास खंड सनौली खुर्द के गांव जलालपुर का केशुपुरा तालाब 9.68 लाख रुपये तथा गांव सनीली कला का पावर हाउस वाला तालाब 70.74 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह जिले का सर्वाधिक लागत से विकसित अमृत सरोवर है।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि इन सभी 13 अमृत सरोवरों के विकास पर कुल 439.49 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। इन सरोवरों का उद्देश्य केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन क्षमता बढ़ाना, भूजल स्तर में सुधार करना, स्वच्छ एवं सुंदर सार्वजनिक स्थल विकसित करना, हरित वातावरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीणों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराना भी है।

उन्होंने बताया कि एक जुलाई को सुबह 10 बजे जिले में अमृत सरोवरों के राज्यव्यापी लोकार्पण समारोह का आयोजन गरिमामय एवं भव्य रूप से किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा अंबाला के नारायणगढ़ से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट जिले में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि सभी जनप्रतिनिधि एवं नागरिक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन सकें।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण की परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का एक जन आंदोलन है। जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास को जनभागीदारी से जोडऩा इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इन सरोवरों का संरक्षण और बेहतर उपयोग प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। समारोह स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि कार्यक्रम गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

  उन्होंने जिले के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों एवं सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर जल संरक्षण के इस अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं तथा अमृत सरोवरों की स्वच्छता, संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि इस अभियान से आने वाले वर्षों में जल संकट से निपटने, भूजल स्तर सुधारने, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास को स्थायी आधार प्रदान करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।

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