घर में घुसकर किशोरी के साथ दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा व 1 लाख रुपए जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 3 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई
BOL PANIPAT : 09 नवम्बर 2022,पानीपत पुलिस की जारी उत्कृष्ट व दमदार पैरवी
घर में घुसकर किशोरी के साथ दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी को सजा दिलाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
माननीय न्यायालय द्वारा दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा व 1लाख रुपए जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 3 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
जिला न्यायावादी कार्यालय द्वारा भी मामलें में सही से पैरवी की गई।
थाना चांदनी बाग क्षेत्र की एक महिला ने 21 अप्रैल 2019 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह पति के साथ एक फैक्टरी में काम करती है और परिवार सहित लेबर क्वार्टरों में रहते है। सुबह उसकी 14 साल की बेटी के पेट में दर्द हो रहा था। वो बेटी को लेकर डॉक्टर के पास गए थे। डॉक्टर ने उसका अल्ट्रासाउंड किया तो पता चला कि वो छह माह की गर्भवती है। वो बेटी को लेकर घर आ गए। उसने उससे इस बारे में पूछा तो बेटी ने डरी सहमी आवाज में पन्ना लाल का नाम लिया। उसने बताया कि पन्ना लाल ने कमरे में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था और किसी को इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना चांदनी बाग में 6 पॉक्सो एक्ट सहित आईपीसी की धारा 376, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाते हुए पीड़ित किशोरी के माननीय न्यायालय के सम्मुख 164 सीआरपीसी के तहत ब्यान अंकित करवाए थे।
पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दंबिस देते हुए एक दिन बाद ही आरोपी पन्ना लाल पुत्र शालिक राम निवासी उल्टाही फैजाबाद यूपी को काबू करने में कामयाबी हासिल की थी। तभी से मामला माननीय न्यायलय में विचाराधीन था।
करीब 30 माह चली मामले की सुनवाई के बाद मामले में आरोपी को माननीय न्यायालय सुखप्रीत सिंह अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास सजा और 1 लाख रूपए जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि ना भरने पर दोषी को 3 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। माननीय न्यायालय ने ये जुर्माना राशि पीड़ित परिवार को देने के आदेश जारी किए हैं।
इन धाराओं व एक्ट में हुई सजा
दोषी पन्ना को 6 पॉक्सो एक्ट व 376 (2) N व 376(3) आईपीसी में 20-20-20 साल कठोर कारावास की सजा 30-30-30 हजार रूपए जुर्माना ना देने पर 3-3-3 साल की अतिरिक्त सजा, आईपीसी 450 में 5 साल सजा 10 हजार रूपए जुर्माना ना देने पर 1 साल अतिरिक्त सजा व आईपीसी 506 में 1 साल की सजा सुनाई है।

Comments