पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में नराकास की 52वीं बैठक का आयोजन
BOL PANIPAT : 31 जुलाई , 2025, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पानीपत द्वारा रिफाइनरी टाउनशिप के सामुदायिक केंद्र में 52वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता एम एल डहरिया, कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख, पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) ने की । बैठक में मंचासीन गणमान्यों में एम एल डहरिया, अध्यक्ष, नराकास, के साथ कुमार पाल शर्मा, संयुक्त निदेशक (कार्यान्वयन), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, सुधीर कुमार झा, कार्यकारी निदेशक, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड एवं श्री शरद अग्रवाल, मुख्य महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रमुख, उत्तरी क्षेत्र पाइपलाइंस, ओम प्रकाश, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), संजय कुमार, महाप्रबंधक (कर्मचारी सेवाएँ) उपस्थित थे । बैठक की शुरुआत राजभाषा गीत एवं दीप प्रज्वलन से की गई ।
इस अवसर पर पानीपत स्थित नराकास सदस्य कार्यालयों के प्रशासनिक प्रधान एवं राजभाषा अधिकारी उपस्थित रहें। बैठक में सदस्य सचिव डॉ आशुतोष चंद्र झा द्वारा स्वागत करते हुए सभी सदस्य कार्यालयों के राजभाषा छमाही प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की गई । इसके साथ ही सदस्य कार्यालयों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, अभिनव प्रयासों को भी सबके साथ साझा किया गया । समीक्षा के उपरांत उत्कृष्ट हिन्दी कार्यान्वयन करने के लिए 3 बड़े व 3 छोटे कार्यालयों का राजभाषा शील्ड से सम्मानित किया गया जो क्रमश: इस प्रकार हैं : 1) पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, प्रथम पुरस्कार, 2) नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड, पानीपत, द्वितीय पुरस्कार व 3), भारतीय स्टेट बैंक, क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय, पानीपत, तृतीय पुरस्कार, 4) भारत संचार निगम लिमिटेड, पानीपत, प्रथम पुरस्कार, 5) राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम, पानीपत, द्वितीय पुरस्कार व 6) हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पानीपत , तृतीय पुरस्कार ।
इस अवसर पर एम एल डहरिया ने उन सभी कार्यालयों को बधाई दी जिन्होने अपने कार्यालयों में हिन्दी में उत्कृष्ट काम करने के लिए नगर राजभाषा की ओर से राजभाषा शील्ड प्राप्त की । अपने संबोधन में एम एल डहरिया ने कहा कि नराकास पानीपत के सदस्य कार्यालय हिन्दी के कार्यान्वयन को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते है। मुझे इस बात की खुशी है कि नराकास सदस्य कार्यालयों ने हिन्दी कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है, जो अत्यंत प्रशंसनीय है । उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हम सब मिलकर आगे भी हिन्दी कार्यान्वयन को शत प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए अपना पूरा प्रयास करें।
गृह मंत्रालय, के प्रतिनिधि कुमार पाल शर्मा, संयुक्त निदेशक (कार्यान्वयन), ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि – “राजभाषा हिंदी का उपयोग केवल मौखिक या औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे लिखित कार्यों (कलम से) और डिजिटल माध्यमों (कंप्यूटर पर) तक पूर्ण रूप से अपनाना चाहिए ।” इसके साथ ही उन्होनें राजभाषा में उत्कृष्ट कार्यान्वयन पर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये । मंच संचालन सदस्य सचिव आशुतोष चंद्र झा द्वारा किया गया । अंत में संजय कुमार, महाप्रबंधक (कर्मचारी सेवाएँ) द्वारा धन्यवाद देकर बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

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