2023 में 78306 विद्यार्थियों ने चुनी इग्नू की दूरस्थ शिक्षा: डा धर्म पाल
BOL PANIPAT , 18 जनवरी। इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी डा धर्मपाल ने बताया की इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना भी देश की बदलती जरूरतों के हिसाब से उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए हुई 1985 में इसके लिए जब संसदीय अधिनियम पारित हुआ तब उसका मकसद था कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने तथा तकनीकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना। इग्नू का मकसद शिक्षा का प्रजातांत्रिकरण ही रहा है। शिक्षार्थी केन्द्रित तथा तकनीकी व्यवस्था होना इसकी मुख्य खासियत बनी और यही कारण है कि कुछ ही दशकों में इसने विश्व-स्तरीय दर्जा हासिल कर लिया है।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता इग्नू की खास पहचान बनी है जिसमें स्वनिर्मित अध्ययन सामग्री को गुणवत्ता के आधार पर 2013 में कॉमन वेल्थ ऑफ लर्निंग के द्वार एक्सीलेंस अवार्ड मिला है। उसी तरह व्यापकता तथा इसकी गुणवत्ता के आधार पर इसे मेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है।
हरियाणा में इग्नू की बढ़ती लोकप्रियता के कारण बीते वर्ष में कुल 78306 विद्यार्थियों ने इग्नू की दूरस्थ शिक्षा को चुना है जिसमे से कुल 51 प्रतिशत महिलाएँ, 49 प्रतिशत पुरुष और 21 प्रतिशत एससी विद्यार्थी शामिल है जो नौकरी पेशा लोग, घरेलू महिलाएं, बीच में पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थी उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते है ऐसे विद्यार्थी 31जनवरी 2023 तक इग्नू में दाखिला ले सकते है।

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