मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया
BOL PANIPAT : स्थानीय आई.बी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत में महिला प्रकोष्ठ, कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ एवं रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में मासिक धर्म स्वच्छता दिवस (वर्ल्ड मेंस्ट्रूअल हाइजीन डे) पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान की मुख्य वक्ता डॉ. शबनम बत्रा रही | इस व्याख्यान का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रबंधन समिति से युधिष्ठिर मिगलानी, रमेश नागपाल, कॉलेज प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग, उपप्राचार्या डॉ. मधु शर्मा, रोटरी क्लब से डॉ. शबनम बत्रा, अरुण सेठी, अशीम शर्मा, रंजना गोयल, डोली चुग, वंदना सेठी, डॉ मोहम्मद ईशाक, डॉ. पूनम मदान , प्रो रंजना शर्मा, डॉ. रामेश्वर दास, प्रो. इरा गर्ग द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
इस अवसर पर डॉ. अजय कुमार गर्ग ने कहा कि हर साल 28 मई का दिन दुनिया भर में मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसका मकसद महिलाओं को सिर्फ मासिक धर्म के फायदों से अवगत कराने के साथ ही इसके बारे में खुलकर बात करने को बढ़ावा देना है ।उन्होंने यह भी कहा कि आज भी अधिकतर महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात करने में संकोच करती है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे शहरों, गांव में मासिक धर्म हाइजीन को लेकर आज भी महिलाओं में जानकारी और जागरूकता की कमी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह दिवस मनाया जाता है |

इस अवसर पर, मुख्य वक्ता डॉ. शबनम बत्रा ने बताया कि हर महिला इस मासिक धर्म चक्र से गुजरती है । मासिक धर्म प्रकृति से जुड़ी प्रक्रिया है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सिर्फ यह नहीं है कि लड़कियों एवं महिलाओं को मासिक धर्म के दिनों में स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके बल्कि इन दिनों में महिलाओं को किस तरह की सावधानियां बरती जानी चाहिए | माहवारी के दिनों में साफ सफाई ना रखने से क्या-क्या शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं । इसके बारे में भी अवगत कराया गया।
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षता डॉ. किरण मदान ने कहा कि महिलाएं और किशोरियों की चुनौतियों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना और स्वच्छता का मामला ही नहीं है बल्कि यह महिलाओं और लड़कियों की गरिमा, शादी अखंडता और समग्र जीवन की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है । पहले के समय में, इस विषय पर कोई खुलकर बात नहीं करता था। ऐसे में वे इसके लिए वे ना तो मानसिक रूप से तैयार होती थी और न ही जागरूक होती थी । इस दिवस के बहाने लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ इस दौरान स्वच्छता के महत्व को भी समझाया जाता है।
इस अवसर पर कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉ पूनम मदान ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई संस्कृतियों में मासिक धर्म वाली महिलाओं को सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने से बाहर रखा जाता है क्योंकि मासिक धर्म की जानकारी ना होने के कारण उनको ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस तरह की गलत मान्यताओं के कारण लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा पर असर पड़ सकता है। हम सभी जानते हैं कि हेल्थ केयर हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है । ऐसे समय साफ-सफाई रखकर कई प्रकार के संक्रमण को रोका जा सकता है और कोविड महामारी के चलते तो और भी सावधानी रखने की जरूरत है.
मंच का संचालन प्रो. रेखा शर्मा ने किया | कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. सुनीता ढांडा, डॉ. निधि मल्होत्रा, प्रो कनक, प्रो. माधवी , प्रो. निशा ,प्रो. सुखजिंद्र सिंह एवं प्रो. राहुल ने अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर प्रो रितिका, प्रो करूणा सचदेवा, प्रो आकांक्षा, प्रो पूजा मलिक, प्रो पूजा ग्रोवर आदि मौजूद रहे।

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