गाड़ी की ठगी करने वाले गिरोह के और दो आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थाना सेक्टर 13/17 पुलिस
BOL PANIPAT , 28 अप्रैल : थाना सेक्टर 13/17 पुलिस सुनियोजित साजिश के तहत युवक से स्कॉर्पियो गाड़ी की ठगी करने वाले गिरोह के और दो आरोपियों को सोमवार को करनाल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। आरोपियों की पहचान करनाल के बसंत विहार निवासी रणजीत और विकास नगर निवासी गुरमीत के रूप मे हुई है। दोनों आरोपी धोखाधड़ी के अन्य मामले में करनाल जेल में बंद थे।
थाना सेक्टर 13/17 प्रभारी सब इंस्पेक्टर दलबीर ने बताया कि थाना सेक्टर 13/17 में अटावला गांव निवासी दिलबाग पुत्र रामेहर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 15 फरवरी 2026 को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को सेक्टर 13/17 में दोस्त बिट्टू खरब के गैराज पर वाशिंग करवाने के लिए लेकर आया था। राम नगर निवासी जानकार राजेश पुत्र चंदगीराम भी गैराज पर आया हुआ था। राजेश को किसी नीजी काम से चंडीगढ़ जाना था। चंडीगढ़ जाने के लिए राजेश ने उससे गाड़ी मांगी, और कहा अगले दिन काम पूरा होने पर गाड़ी लौटा देगा। राजेश उसकी गाड़ी वापिस नहीं देकर गया तो उसने व दोस्त शुभम ने राजेश के मोबाइल नंबर पर फोन किए तो उसने एक बार कॉल उठाई बार बाद में स्वीच ऑफ कर दिया। गाड़ी में लगे जीपीएस की लॉकेशन भी बंद करवा दी। राजेश अब तक गाड़ी वापिस नहीं देकर गया है। गाड़ी का कोई अता पता भी नहीं है। राजेश अपनी बातों में उलझाकर उससे स्कॉर्पियों गाड़ी ले गया और कब्जे में रखा है। थाना सेक्टर 13/17 में दिलबाग की शिकायत पर बीएनएस की धारा 316(2) के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर दलबीर ने बताया कि पुलिस ने गाड़ी में लगे जीपीएस की लॉकेशन के आधार पर 22 फरवरी 2026 को स्कॉर्पियों गाड़ी जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मजीदडार नाम के युवक के पास से बरामद की थी। युवक ने बताया था उसने गाड़ी गवार नाम के युवक के माध्यम से 12 लाख रूपए में खरीदी थी। पुलिस ने आरोपी राजेश के संभावित ठिकानों पर दबिश देते हुए बीती 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया। आरोपी राजेश ने पूछताछ में पुलिस को बताया उसकी करनाल के बंसत विहार निवासी रणजीत और विकास नगर निवासी गुरमीत के साथ दोस्ती है। तीनों ने मिलकर शार्टकट तरिके से पैसे कमाने की साजिश रची, और दोनों ने उससे कहा वह अपने जानकार की स्कॉर्पियों गाड़ी मांगकर उनके पास ले आएगा। वे दोनों गाड़ी को किसी दूसरे राज्य में बेच देगे और पैसों को तीन बराबर हिस्सों में बाट लेगे। साजिश के तहत उसने अपने जानकार दिलबाग से उसकी स्कॉपियों गाड़ी मांगी और रणजीत व गुरमीत को दे दी। पुलिस ने आरोपी राजेश को न्यायिक हिरासत जेल भेजने के बाद आरोपी रणजीत व गुरमीत की धरकपड़ शुरू कर दी थी।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर दलबीर ने बताया कि पुलिस को गत दिनों सूचना मिली की दोनों आरोपी धोखाधड़ी के अन्य मामले में करनाल जेल में बंद है। पुलिस दोनों आरोपियों को सोमवार को करनाल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। पूछताछ में आरोपियों ने मामले में पहले पकड़े जा चुके अपने साथी आरोपी राजेश के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश के तहत युवक से स्कॉर्पियो गाड़ी की ठगी कर बेचना स्वीकारा।

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