महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को नशा ना करने का संकल्प दिलवाया।
BOL PANIPAT : जी.टी रोड स्थित आई.बी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ, कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ एवं एनएसएस ईकाई के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्त समाज आंदोलन कौशल अभियान के तहत हरियाणा की तरफ से हरियाणा प्रदेश की सह संयोजिका डॉक्टर श्वेता सिंह ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को नशा ना करने का संकल्प दिलवाया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने कहा कि नौजवानों को नशा मुक्त करना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। शिक्षा के प्रसार से नशा मुक्त समाज बनाया जा सकता है । युवाओं को बताने की जरूरत है कि नशा किस तरह समाज का नाश कर रहा है । इससे युवा नशे से दूर होने के लिए सोचने को विवश होंगे। इस अवसर पर डॉ श्वेता सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में ले जा रहा है नशे का शिकंजा, नशा एक धीमा जहर है। इसके सेवन से मनुष्य का जीवन अंधकार में डूब रहा है। आज की युवा पीढ़ी शराब, तंबाकू उत्पाद, चरस, अफीम सहित अन्य नशीले पदार्थो के अलावा मोबाइल आदि का इस्तेमाल कर रही है। नशे की लत युवाओं को पथभ्रष्ट कर रही है।नशा मुक्त समाज बनाने में अपने साथियों व नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए हर माह एक व्यक्ति को इस आन्दोलन से जोड़ने का संकल्प कराएंगे। इस अवसर पर महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉ किरण मदान ने कहा कि आज सभी बच्चों ने आज ईश्वर को साक्षी मानकर यह संकल्प लिया कि अपने पूरे जीवन में कभी भी किसी प्रकार का नशे का सेवन नहीं करेंगे। इसके अलावा हम यह भी संकल्प लेते हैं कि राष्ट्रहित और समाज हित में अपनी आखरी सांस तक नई पीढ़ी को नशे के सेवन से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।इस अवसर पर कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉ पूनम मदान ने कहा की विद्यार्थियों को नशे से दूर रहना चाहिए और नशा मुक्ति से परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है। आज के अभियान में नशे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में विद्यार्थियों को कई जानकारियां दी गई।इस अवसर पर एनएसएस अधिकारी डॉ जोगेश एवं महिला प्रकोष्ठ, कानूनी साक्षरता प्रकोष्ठ एवं एनएसएस ईकाई के सदस्य मौजूद रहे।

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