शहीद ए आजम भगत सिंह की 115 वीं जयन्ती के अवसर पर सभा आयोजित की गई ।
BOL PANIPAT : 28 सितंबर 2022, आज भगत सिंह स्मारक सभागार में शहीद ए आजम भगत सिंह की 115 वीं जयन्ती के अवसर पर सभा आयोजित की गई ।
सभा को संबोधित करते हुए ए आई वाई एफ के वरिष्ठ नेता राम रतन सैनी एडवोकेट ने कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह ने जिस तरह की आजादी का सपना लेकर अपना जीवन बलिदान किया था। वह सपना अधूरा ही रह गया।
सन 47 में अंग्रेज साम्राज्यवादियों व भारतीय पूँजीपतियों के बीच समझौते से राज बदल गया। अंग्रेज सरकार भारतीय जनता को लम्बे समय तक दबा कर रखने के लिए दो काले कानून (1) इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट बिल व (2) पब्लिक सेफ्टी बिल लाई थी। जिसके विरोध में भगतसिंह व बी के दत्त ने संसद के अंदर खाली बैंचों पर बमों का धमाका करके अंग्रेज सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि देश की जनता इन काले कानूनों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने पर्चों के माध्यम से कहा कि हम समाजवाद चाहते हैं। 23 मार्च 1931 को फांसी होने से पहले एक महान क्रांतिकारी ( जिन्होंने दुनिया में पहली बार पूंजीपतियों का राज रूस में उखाड़ फेंक कर मजदूर – किसानों का राज कायम किया था) लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे।
आजादी आंदोलन में जान की बाजी लगाने में एक से बढ़कर के एक क्रांतिकारी थे। लेकिन सोच विचार के मामले में दुश्मनों पर कब हमला किया जाए ? किस तरह से किया जाए? हमारा जो उद्देश्य है इन मामलों में भगत सिंह बाकी के क्रांतिकारियों से बहुत आगे बढ़े हुए थे। उन्होंने ही भारत की धरती पर सबसे पहले इंकलाब जिंदाबाद-साम्राज्यवाद मुर्दाबाद का नारा जेल के अंदर ही गुजां दिया ।
सभा कीअध्यक्षता ए आई वाई एफ के सन्नौवर राणा व ए आई एस एफ के रुपेश सैनी ने संयुक्त रुप से की । सी पी आई के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि आज हमें भगत सिंह के सपने को साकार करने के लिए इस गली सड़ी पूंजीवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकना होगा। आज सरकार ने बढ़ती हुई महंगाई, घटते हुए रोजगार, भ्रष्टाचार, बहन बेटियों की इज्जत पर हमले, शिक्षा और इलाज, पीने के पानी को भी व्यापार बना दिया है।
कामरेड पवन सैनी ने कहा कि अभी हाल की बारिश ने फसलों को बर्बाद करके किसान और मजदूरों के ऊपर बड़ी आर्थिक मार मारी है । सरकार नुकशान की भरपाई करने की बजाय केवल बयानबाजी करके अपना काम पूरा समझ रही है। इसलिए हमें भगत सिंह के विचारों को समझ कर सभी समस्याओं की जननी व मानवता की दुश्मन मौजूदा पूंजीवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंक कर समाजवादी व्यवस्था स्थापित करनी होगी। सभा में बलिन्द्र सिंह ,सशील कुमार एडवोकेट, माम चंद सैनी ,सेवा सिंह मलिक ,विजय सपडा़ आदि ने भी भगत सिंह को नमन किया और उनके विचारों को प्रचारित प्रसारित करने पर जोर दिया ।
सभा में प्रदीप जिन्दल, भूपेन्द्र कश्यप , जय भगवान दरियापुर ,भान अटोला ,हरपाल रंगा, जुनेद राणा , गुलफान ,इमरान राणा ,शीश राम , अशोक पंवार ,अनीश राणा , कृष्ण लाल ,सतीश यादव , स्वर्णपाल आदि उपस्थित रहे।

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