‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ मिट्टी और धरती के प्रति जागरूकता पैदा करने वाला अभियान: गरिमा मलिक
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी हरियाणा स्टेट ब्रांच चंडीगढ़ प्रायोजित पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर का अर्थगर्भित समापन
कैंप ने समय प्रबंधन, सामाजिक सरोकारों का बोध और खुद से पहले दूसरों की मदद करने का ज़ज्बा सिखाया: वाईआरसी कार्यकर्ता
सौरभ और सूरज बने कैंप के सर्वश्रेष्ठ वाईआरसी स्वयंसेवक
BOL PANIPAT : पानीपत, 25 नवम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी हरियाणा स्टेट ब्रांच चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित और उपायुक्त पानीपत एवं जिला रेड क्रॉस सोसाइटी प्रधान सुशील सारवान आईएएस की अगुआई में आयोजित पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर का सारगर्भित एवं अर्थपूर्ण समापन हो गया. विदाई समारोह मेंआकर्षण का केंद्र ईशा फाउंडेशन से पधारी मुख्य वक्ता गरिमा मलिक, उत्कर्ष और सुनील सागर का कार्यकर्ताओं के साथ किया गया जिवंत संवाद रहा. ‘मिट्टी बचाओ जागरूकता अभियान में नई पीढ़ी के नौजवानों से अपील की गई कि वे धरती के महत्व को पहचाने और इसे और प्रदूषित एवं ख़राब होने से रोकने में अपना दायित्व अदा करें.
रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत से डिप्टी सुपरइनटेनडेंट एवं शिविर निदेशक विनोद कुमार, कला भारद्वाज प्रवक्ता रेड क्रॉस पानीपत का स्वागत मुख्य अतिथि एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस एवं वाईआरसी प्रभारी डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी और डॉ एसके वर्मा ने तुलसी-रोपित गमले भेंट कर किया. भोजन उपरान्त के सत्र में रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत पांच दिवसीय कैंप के दौरान प्रत्येक दिन आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सर्टिफिकेट्स और मुमेंटो से पुरस्कृत किया गया. शिविर के अंत में रेड क्रॉस फ्लैग मार्च पास्ट का आयोजन किया गया जिसमें प्रतिभागी वाईआरसी कार्यकर्ताओं और कौन्सिलरस ने हिस्सा लिया. विदाई समारोह में याशिका ने पांच दिवसीय कैंप की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ कर सुनाई. सभी विजेता
प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र से नवाज़ा गया. कैंप में ओवरआल प्रदर्शन के आधार पर सौरभ और सूरज को सर्वश्रेष्ठ वाईआरसी स्वयंसेवक के खिताब से अलंकृत किया गया. कैंप में विशेष सहयोग के लिए क्विज मास्टर प्रो अन्नू आहूजा और पीआरओ डॉ एसके वर्मा को भी सम्मानित किया गया. निकिता, ईशा, अजय, मनीष और अदिति ने आंकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि समय प्रबंधन, अनुशासन, सामाजिक बोध और उच्च गुणवत्ता एवं ज्ञान से भरपूर रिसोर्स पर्सन्स ने इस कैंप में आकर उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह बदल दिया है. राजकीय महाविधालय पानीपत से डॉ दलजीत सिंह, आईबी
कॉलेज पानीपत से प्रो सोनिया और आर्य कॉलेज पानीपत से प्रो अंजू शर्मा ने कैंप को बेहद कामयाब और फायदेमंद बताया. सभी ने इस कैंप के आयोजन और क्रियान्वन को अनूठा और सिखाने वाला बताया.
गरिमा मलिक कार्यकर्ता ईशा फाउंडेशन ने कहा कि पूरे संसार में 300 केन्द्रों और 7 मिलियन स्वयंसेवकों के समर्थन के साथ ईशा फाउंडेशन मानव खुशहाली के सभी आयामों को संबोधित करती है. अपने भीतरी रूपांतरण के शक्तिशाली योग कार्यक्रमों से लेकर समाज, पर्यावरण और शिक्षा के लिए अपनी प्रेरणादायक परियोजनाओं तक ईशा की गतिविधियां एक समावेशी संस्कृति है. ईशा फाउंडेशन की गतिविधियों ने हर तरह की आर्थिक, सांस्कृतिक या धार्मिक पृष्ठभूमि लोगों तक पहुंचाई है. फाउंडेशन की सामाजिक परियोजनाएँ इस तरह तैयार की गई हैं कि वे आसानी से की जा सकें और बड़े पैमाने पर संचालित की जा सकें. पूरे संसार में मानव सशक्तिकरण और सामुदायिक कायाकल्प के आदर्श नमूने है इस फाउंडेशन का आधार. ‘माटी बचाओ अभियान’ सदगुरु द्वारा शुरू की गई मिट्टी को बचाने और शुद्ध रखने का ग्लोबल अभियान है जिसकी शुरुआत 21 मार्च को लन्दन से हुई. ‘मिट्टी बचाओ आंदोलन’ मिट्टी और धरती के प्रति जागरूकता पैदा करने वाला अभियान है. 3 अरब से अधिक लोगों का समर्थन जुटाने और जताने के लिए सदगुरु अकेले मोटरसाइकिल की सवारी करते हुए 24 देशों से गुज़रें और तीस हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की और सफर दक्षिण भारत में समाप्त हुआ. इस अभियान का उद्देश्य दुनिया भर में मिट्टी के खतरनाक क्षरण के बारे में वैश्विक जागरूकता लाना रहा. खराब होती मिट्टी खाद्य और जल सुरक्षा के लिए विनाशकारी साबित हो रही है. जलवायु आपदा और विलुप्त होती प्रजातियां भी इसी मिट्टी की गुणवत्ता से जुड़ी हैं. ऊपरी मिट्टी के पहले 12 से 15 इंच में जो जीवन है वही वास्तव में हमारे अस्तित्व का आधार है. यदि मनुष्य अपने अस्तित्व के आधार से सचेतन रूप से जुड़ा नहीं है तो हम उन्हें जीवन की प्रकृति और सृष्टि के स्रोत के प्रति सचेत नहीं कर सकते. उन्होनें कहा की प्रत्येक व्यक्ति को इस आंदोलन में शामिल होना चाहिए. मिट्टी को लेकर यदि देश में आवश्यक जागरूकता आ गई तो हम अपनी धरती और आने वाली पीढ़ियों को बचा पायेंगे.
उत्कर्ष कार्यकर्ता ईशा फाउंडेशन ने कहा कि वैश्विक आंदोलन ‘मिटटी बचाओ’ ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जी ने 21 मार्च से लन्दन में शुरू की है जिसका उद्देश्य 192 देशों में एक नीति लाने का प्रयास है कि यदि आपके पास कृषि भूमि है तो कम से कम 3-6% जैविक सामग्री मिट्टी में होनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ीयां भी चैन से जी सके. इसी प्रयास को लेकर ईशा फाउंडेशन के कार्यकर्ता ने आज दी गई ट्रेनिंग को सोशल मीडिया पर डालने का भरोसा दिलाकर आमजन को भी मिट्टी को बचाने के लिए प्रेरित किया.
पवन गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज ने अपने सन्देश में कहा कि वाईआरसी एवं एनएसएस कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि समय की मांग है की आज के युवा सभी को अपने साथ लेकर चले. आपदा काल ने वैसे भी सामूहिक जीवन के महत्व को ओर भी स्थापित किया है. कैंप में आये एनएसएस कार्यकर्ताओं के जज्बे, हौंसले और कार्यों को देख कर उन्हें इस बात की तस्सली हो गई है कि आज का युवा जिम्मेदार और प्रगतिशील है. विभिन्न बुराइयों और समस्याओं के खिलाफ अभियान चला कर और शपथ उठाकर इन युवाओं ने राष्ट्र के निर्माण में अपना स्थान और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया किया है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने वाईआरसी कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि रेड क्रॉस इंसान में इंसानियत, समुदायवाद और आपसी सदभाव के भाव हर एक कार्यकर्ता में पैदा करता है. युवा अवस्था में अच्छे कार्य करने की क्षमता और ताकत सबसे ज्यादा प्रबल होती है. उन्हें उम्मीद और पूरा भरोसा है कि पांच दिवसीय इस कैंप में 16 कॉलेज से आये प्रत्येक प्रतिभागी देश और समाज की प्रगति में सहायक होंगे. उन्हें हर प्रतिभागी पर नाज़ है. पांच दिवसीय कैंप में प्रत्येक दिन विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमे वाईआरसी के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. परिणाम इस प्रकार रहे-
भाषण प्रतियोगिता-
प्रथम ईशा पाईट समालखा
द्वितीय याशिका एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
तृतीय ट्विंकल वैश कन्या महाविधालय समालखा
गायन प्रतियोगिता-
प्रथम सुप्रिया एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
द्वितीय आयशा आईबी पीजी कॉलेज पानीपत
तृतीय ज्योति राजकीय महाविधालय बापौली
एकल नृत्य प्रतियोगिता-
प्रथम ख़ुशी एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
द्वितीय गौरव पाईट समालखा
ख़ुशी आर्य पीजी कॉलेज पानीपत
तृतीय साक्षी राजकीय महाविधालय बापौली
ग्रुप डांस प्रतियोगिता-
प्रथम एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
द्वितीय राजकीय महाविधालय बापौली
तृतीय राजकीय महिला महाविधालय मतलौडा
क्विज प्रतियोगिता-
प्रथम एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
द्वितीय देशबन्धु गुप्ता राजकीय महाविधालय पानीपत
तृतीय आईबी पीजी कॉलेज पानीपत
पांच दिवसीय कैंप में मेजबान एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के साथ, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत, आईबी पीजी कॉलेज पानीपत, राजकीय महाविधालय पानीपत, राजकीय महाविधालय इसराना, राजकीय महाविधालय बापौली, राजकीय महाविधालय मतलौडा, वैश कन्या महाविधालय समालखा, गाँधी आदर्श कॉलेज समालखा, चौधरी देवी लाल मैमोरियल कॉलेज सिवाह और पाईट समालखा से 110 एनएसएस कार्यकर्ताओं और उनके काउंसलर्स ने भाग लिया.

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