महर्षि दयानन्द सरस्वती की द्वितीय जन्मशताब्दी पर बारह दिनों तक कुरूक्षेत्र में लगेगा महाकुंभ
बारह दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से महर्षि दयानन्द के विचारों व चिंतन को पूरी दूनिया तक पहुंचाया जाएगा
BOL PANIPAT , 28 जनवरी: महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वितीय जन्मशताब्दी 12 दिवसीय शुभारम्भ समारोह पर कुरूक्षेत्र के ब्रहमसरोवर पर होगा विशाल समागम। उक्त जानकारी देते हुए वेद विद्या शोद्य संस्थान के अध्यक्ष व कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी सम्पूर्णानन्द सरस्वती ने देते हुए बताया कि आर्य समाज के संस्थापक महान विचारक महर्षि दयानंद सरस्वती जी महाराज के द्वितीय जन्मशताब्दी 200वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों का शुभारंभ एवं 12 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का आयोजन 1 फरवरी 2023 से 12 फरवरी 2023 तक होगा। जिसमें प्रतिदिन सुबह सुर्योदय के साथ चारों वेदों का यज्ञ पदमश्री आचार्य डा.सुकामा के नेतृत्व में वैद्विक विद्वानों की देखरेख में गुरूकूल के ब्रहमचारियों व ब्रहमचारिणयों द्वारा प्रतिदिन बारह दिनों तक गाय के देसी घी सेकिया जाएगा। इस दौरान एक फरवरी को समारोह में शुभारम्भ पर योग ऋषि स्वामी रामदेव, जूना पीठाधीश्वर अनन्त श्रीविभूषित आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष गोविन्द देव गिरी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरजिंदर सिंह धामी, जियो गीता के प्रणेता स्वामी ज्ञानानंद महाराज, ऑल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी, बाबा कालीदास, सांपला, जैन विद्वान विवके मुनि, संत रविदास परम्परा के संत हितकारी जी महाराज, बाहाई समाज के लोटस टैम्पल के प्रमुख मांगलेकर, गौस्वामी सुशील जी महाराज सहित विश्वभर में व्याप्त अनेक धर्म के प्रमुख संतों की दिव्य गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम के माध्यम से देश के प्रसिद्व संत व विद्वान धर्मक्षेत्र-कुरूक्षेत्र पहुंच कर महर्षि दयानन्द सरस्वती के विचारों को उनके कार्यों को आगमी एक वर्ष तक पूरी दूनिया तक पहुंचाने का आह्वान करेंगे। इस दौरान पानीपत जिला परिषद के वाईस चेयरमैन व हुड्डा सैक्टर आर्य समाज के प्रधान आर्य सुरेश मलिक ने बताया कि समारोह में प्रतिदिन कार्यक्रम स्थल पर महर्षि दयानन्द सरस्वती के विचारों को लेकर चिंतन अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। जिसमें देश भर से विद्वान व आचार्य उपस्थित रहकर अपना उद्बोधन देंगे। इसके अलावा प्रतिदिन कार्यक्रम में अध्यात्मिक, धार्मिक, शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े लोग प्रतिदिन भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम महर्षि दयानन्द सरस्वती के चिंतन व विचारों को पूरी दूनिया के सामने लाने का काम करेगा। प्रतिदिन सुर्योदय से सुर्यास्त तक वैद्विक विद्वानों की देखरेख में गुरूकूल के ब्रहमचारियों व ब्रहमचारिणयों द्वारा वेद के मंत्रों से हवन यज्ञ किया जाएगा। जिसके माध्यम से हमारे राष्ट्र की उन्नति की व मानतवता ओर जीव कल्याण की कामना की जाएगी । इस अवसर पर जिला परिषद के वाईस चेयरमैन आर्य सुरेश मलिक,आर्य दिलबाग लाठर, आर्य केन्द्रीय सभा की प्रधाना बेला भाटिया, महामंत्री आत्मप्रकाश, के.आर.छौक्कर, शारदा बरेजा, शकुंतला आर्य, रमेश बजाज, हर्षित आर्य सहित अन्य मौजूद थे।

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